" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
Pt Deepak Dubey

Chandra Grahan 2016/Lunar Eclipse 2016/चन्द्र ग्रहण 2016

chandra grahan

पहला  चन्द्र  ग्रहण

तारीख : 23 मार्च (बुधवार) ,2016

ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार) :  15:12   से 19:23 

सूतक का समय  : भारत में मान्य नहीं 

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यह चन्द्र ग्रहण फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा, बुधवार को दिनांक 23 मार्च 2016 को भारतीय समयानुसार मध्यान्ह 15:12 पर प्रारंभ होकर रात्रि19: 23 पर समाप्त होगा. यह चन्द्र ग्रहण भारत में दृष्य नहीं होगा अतः इस ग्रहण की धार्मिक महत्ता नहीं होगी ओर न ही सूतक विचार करना उचित होगा.  खंडछाया एशिया महाद्वीप के अधिकाँश भाग जैसे ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी तथा दक्षिणी अमेरिका , प्रशांत-अतलांतिक- हिन्द महासागर, आर्कटिक तथा अंटार्टिका में छाया दृश्य होगा. 

यदि आपकी कुंडली में ग्रहण दोष  है तो “ग्रहण दोष शांति पूजा” के लिए यह दिन सर्वोत्तम है. “पितृ दोष शांति ” और  “वैदिक चन्द्र शांति पूजा ” के लिए भी यह दिन उपयुक्त माना जाता है. इस दिन किये गये कार्यों का प्रभाव कई गुना अधिक हो जाता है इसलिए मन्त्र सिद्धि और किसी भी तरह के धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए ग्रहण का  दिन अत्यंत ही उपयुक्त माना गया है.


प्रथम चन्द्र ग्रहण का विभिन्न राशियों पर प्रभाव

मेष : यह ग्रहण आपके छठे भाव में लगने के कारण आपके स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव डालेगा. यदि आप किसी मानसिक समस्या से जूझ  रहे हैं तो इस समय उसके बढ़ने  के आसार है. चिंता और  अवसाद आपको घेरे रहेगा. जहाँ यह चन्द्र ग्रहण आपके लिए मानसिक कष्ट ला सकता है वहीँ आर्थिक दृष्टि से बहुत लाभप्रद भी रहेगा. पुराने चले आ रहे कर्जों से छुटकारा मिलेगा और शत्रुओं का नाश होगा . आर्थिक लाभ के भी योग बने हुए हैं.

वृषभ : चन्द्र ग्रहण का योग आपके पंचम भाव में बन रहा है. वृषभ राशि के जातकों के लिए चन्द्रमा पराक्रम  का कारक माना जाता है ऐसी स्तिथि में आपके मन मस्तिष्क के लिए यह स्तिथि ठीक नहीं है. मन द्वन्द में रहेगा. निर्णय क्षमता कमज़ोर रहेगी. आर्थिक मामलों में निर्णय लेने से आप घबराएंगे. मन सशंकित रहेगा. यदि आप शिक्षा प्रित्योगिता में बैठने जा रहे हैं तो अपने प्रयासों को और बढ़ाने के आवश्यकता है. मेहनत  से आप घबराएंगे और  आलस आप पर हावी रहेगा. आपकी बहनों को स्वास्थ्य से सम्बंधित समस्या आ सकती है. किसी करीबी मित्र के कारण मानसिक कष्ट भी उत्त्पन्न हो सकता है.

मिथुन: यह योग आपके चतुर्थ भाव में बन रहा है. मिथुन राशि के जातकों के लिए चन्द्रमा लाभ का कारक है. पारिवारिक सुख में कमी आएगी. यदि आप ह्रदय रोगी  हैं तो विशेष सावधानी की आवश्यकता पड़ेगी. मन आशंकित रहेगा. अनजाने भय से आप डरे रहेंगे . अपने करीबी मित्रों या सम्बन्धियों के साथ समय बिताएं या अपने कार्यों में व्यस्त रहकर आप अपने  अकारण और  अकल्पनीय भय का अंत कर सकते हैं.

कर्क: यह योग आपके तीसरे भाव में बनेगा. चन्द्रमा आपके लग्न का स्वामी है . चन्द्र ग्रहण के कारण इस समय चन्द्रमा पीड़ित रहेगा अतः आपको मानसिक कष्ट हो सकता है. आपको अपने करीबी मित्रों या  भाई बहनों से विछोह की स्तिथि आ सकती है या किसी प्रकार के विवाद की स्तिथि उत्त्पन्न होने की संभावना रहेगी. निर्णय क्षमता कमज़ोर रहेगी. योग प्राणायाम से अपने मन मस्तिष्क को संयमित रखे. प्रसन्न रहें तथा नियमित अंतराल में जल ग्रहण करते रहें.

सिंह: सिंह राशि के जातकों के लिए यह योग दुसरे  भाव में बन रहा है. चन्द्रमा आपके व्यय भाव का स्वामी है. व्यव भाव के स्वामी का लाभ स्थान पर आना और ग्रहण दोष भी हो तब ऐसी स्तिथि में धन की हानि निश्चित है. आर्थिक मामलों में सचेत रहें. धन के मामलों में कोई भी निर्णय लेने से पहले सोच विचार लें और  परामर्श लेने से भी न हिचकिचाएं. सुदूर यात्राओं से बचें क्योंकि यह यात्राएं थका देने वाली एवं निरर्थक रहेंगी.

कन्या:  सूर्य और बुध की सीधी दृष्टि पड़ने के कारण कन्या राशि के जातकों पर इस चन्द्र ग्रहण का प्रभाव  बहुत अधिक नहीं पड़ने वाला है.  स्वास्थ्य के मामले में कुछ कठिनाई आ सकती है. यदि आप किसी शारीरिक कष्ट के कारण दवा ले रहें हैं तो वह शीघ्र असर नहीं करेगी. आपकी शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता इस समय कम रहेगी. स्वास्थ्य को यदि छोड़ दिया जाये तो चन्द्र ग्रहण आपके लिए किसी भी प्रकार से प्रभावी नहीं रहेगा.

तुला : चन्द्र ग्रहण आपके सामाजिक मान  प्रतिष्ठा पर प्रभाव डालेगा. मान सम्मान में कमी या कोई लांछन लगने का भी भय हो सकता है. किये गये कार्यों में मेहनत के अनुरूप फल प्राप्त नहीं होगा. पदोंनात्ति में विलम्ब होगा या आपकी इच्छा के अनुरूप नहीं होगी.  कार्यक्षेत्र में ऊच्च अधिकारीयों से विवाद इस समय संभव  है. इच्छानुसार सफलता पाने के लिए अपने प्रयासों को और बढ़ा दें.

वृश्चिक : चन्द्रमा वृश्चिक राशि के जातकों के भाग्य का मालिक है. भाग्य के मालिक का ग्रहण में होना भाग्य पक्ष को कमज़ोर करता है. भाग्य भरोसे कोई भी कार्य प्रारम्भ न करे. आर्थिक मामलों में संभल कर रहें . नए कार्यों में भी सोच समझ कर हाथ डाले. भूमि भवन से जुड़े निवेश भी लाभप्रद नहीं रहेंगे. यह समय आर्थिक मामलों के लिए संवेदनशील है अतः सावधान रहें.

धनु : धनु राशि के जातकों के लिए आर्थिक रूप से यह समय शुभ सूचना लायेगा. पुरानी चली आ रही बीमारी समाप्त होगी. शत्रुओं का नाश होगा. अचानक धन लाभ के कारण उत्साह में वृद्धि होगी. निर्णय लेने में जल्दबाजी न करे. अति उत्साह में गलत निर्णय लेने के कारण आर्थिक हानि होने की  संभावना बनेगी. कार्यक्षेत्र में उच्च अधिकारीयों से मतभेद की  स्तिथि उत्त्पन्न हो सकती है. गहरे पानी या जलीय जंतुओं से दूरी बनाये रखे.

मकर: इस चन्द्र ग्रहण के कारण भाग्य पक्ष कमज़ोर रहेगा. आपको अपने जीवन साथी के स्वस्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है क्योंकि इसके कारण आपको मानसिक कष्ट उठाना पड़ सकता है. यदि आप कार्य व्यापार साझेदारी में कर रहे हैं तो वहां भी यही समस्या आ सकती है. साझेदारों के स्वास्थ्य के कारण आपको समस्या झेलनी पड़ सकती है. यह समय आपके लिए बहुत लाभकारी नहीं रहेगा अतः अपने आपको संतुलित एवं स्थिर रखने का प्रयास करें.

 कुम्भ : यह चन्द्र  ग्रहण आपके अष्टम भाव में लगेगा, इस कारण यह समय आपके लिए अत्यधिक लाभप्रद रहेगा.  अकस्मात धन लाभ के योग बनेगे. कहीं से अकल्पनीय धन आगमन होगा. पुराने चले आ रहे रोग समाप्त होंगे. शत्रुओं का नाश होगा. आय के नए मार्ग खुलेंगे. यदि आप समुद्री यात्राएं करते हैं तो थोडा सतर्क रहें . गहरे पानी या जलीय जंतुओं से दूरी बनाये रखे.

मीन: चन्द्र ग्रहण आपके सप्तम भाव में लगेगा जो कि आपके प्रेम संबंधों के लिए बहुत ही हानिकारक है. जीवन साथी या प्रेमी से मन मुटाव की संभावना रहेगी. वैचारिक मतभेद बढेंगे. यदि पहले से ही कोई विवाद चला अ रहा है तो रिश्ता टूटने तक की स्तिथि पैदा हो सकती है. संबंधों को बिगड़ने न दे जितना हो सके संयम और प्रेमपूर्वक विवादों को सुलझाने का प्रयत्न करें.  धैर्य से स्तिथि को संभाले. अपने बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में भी सचेत रहें. यदि आप शिक्षा प्रित्योगिता में बैठने जा रहे हैं तो अपने प्रयासों को और बढ़ाने के आवश्यकता है.

शुभम भवतु 

पं. दीपक दूबे (View Profile)

 


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