Characteristics Of Aquarius/Aquarius Facts/ Zodiac Sign Aquarius/Aquarius Personality/Aquarius Traits/ Kumbh Lagna/ कुम्भ लग्न की चारित्रिक विशेषताएं/ कुम्भ लग्न के जातक/ कुम्भ लग्न की  विशेषताएं/ कुम्भ लग्न

कुम्भ लग्न के नक्षत्र एवं विशेषताएं 

धनिष्ठा (तृतीय ,चतुर्थ)शतभिषा (चारों चरण)  तथा, पूर्वाभाद्रपद (प्रथम, द्वितीय, तृतीय चरण  के संयोग से कुम्भ लग्न बनता  है.

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 लग्न स्वामी : शनि 
 लग्न तत्व: वायु 
 लग्न चिन्ह :घड़ा लिए हुए मनुष्य  
 लग्न स्वरुप: स्थिर  
 लग्न स्वभाव: क्रूर  
 लग्न उदय: पश्चिम  
 लग्न प्रकृति: त्रिधातु प्रकृति 
 जीवन रत्न: नीलम 
 अराध्य: भगवन शिव
 लग्न गुण : तमोगुण  
 अनुकूल रंग: श्वेत 
 लग्न जाति: शूद्र  
 शुभ दिन: शनिवार  
 शुभ अंक: 8
 जातक विशेषता: संवेदनशील   
 मित्र लग्न :मीन,वृषभ, मकर     
 शत्रु लग्न : मिथुन, कन्या   
 लग्न लिंग: पुरुष 

कुम्भ राशि का अधिपति शनि है। शनि काले रंग का पाप ग्रह है । कुम्भ राशि का चिन्ह जल से भरा हुआ घड़ा है। अतः इस राशि वाले पुरूष की आकृति घड़े के समान गोल व वाणी घड़े के समान गम्भीर व गहरी होती है। ऐसे व्यक्ति प्रायः बाहरी दिखावे में ज्यादा विश्वास रखते हैं। ये भीतर से खोखले व बाहरी दिखावे में सुन्दर दिखलाई पड़ते हैं।

कुम्भ राशि वाला व्यक्ति का प्रायः मध्यम कद , गेहुए वर्ण, गोल सिर,  दीर्घकाय, तोंद-युक्त, गम्भीर वाणी बोलने वाला व्यक्ति होता है। यह राशि पुरूष जाति, स्थिर संज्ञक व वायु तत्व प्रधान होती है इसलिए कुम्भ  राशि वाले पुरूष का प्राकृतिक स्वभाव विचारशील, शांत चित्त, धर्मभीरू तथा नवीन आविष्कारों का प्रजनन है। कुम्भ राशि में जन्में जातक का चेहरा दर्शनीय तथा होंठ एवं कपोल सुन्दर होते है। इनकी विचारधारा दार्शनिक होती है। दूसरों की सहायता करके ऐसे जातक प्रायः प्रसन्नता का अनुभव करते हैं।

इनकी स्मरणशक्ति तथा मानसिक शक्ति बड़ी प्रबल हेाती है। कुम्भ राशि के जातक खरी-खरी कह देने में नहीं हिचकिचाते हैं और  ऐसा करते समय देश, काल और परिस्थिति का भी ध्यान नहीं रखते। इन्हें जीवन में अधिकतर विपदाओं का सामना करना पड़ता है। संघर्षरत रहकर ही इनके जीवन का निर्णय हो पाता है। कठिन से कठिन विपत्ति में भी ये घबराते नहीं। इनका दाम्पत्य जीवन साधारण ही होता है।

धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मे कुम्भ राशी के जातक भीतर ही भीतर कष्ट सहते है परन्तु बाहर उसकी आह तक नहीं निकालते। ये पूरी तरह से  रहस्यवादी व्यक्ति होते है। व्यापारी क्षेत्र में अपनी पूंजी का फैलाव सही पूंजी से कई गुना अधिक करते हैं। इनकी वास्तविकता को पहचाना पाना बड़ा कठिन हो जाता है। ये बड़ा से बडा जोखिम लेने में नहीं हिचकिचाते।

सामान्यतया कुम्भलग्न में उत्पन्न जातक  स्वस्थ, बलवान एवं चंचल एवं  व्यक्तित्व आकर्षक होता है जिससे अन्य जन इनसे प्रभावित रहते हैं। ये स्वभाव से ही प्रगतिशील एवं क्रांतिकारी विचारधारा से युक्त होते है तथा पुराने रीति रिवाजों को कम ही स्वीकार करते हैं। अन्य जनों के प्रति इनके मन में स्नेह एवं सहानुभूति का भाव विद्यमान रहता है . साहित्य एवं कला में रूचि के साथ-साथ ये उत्तम वक्ता भी होते हैं।

कुम्भ लग्न में जन्मे जातक अपने हृदय में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं रखते हैं तथा इनका  सांसारिक दृष्टिकोण भी  विशाल होता है । अध्ययन के प्रति इनकी रूचि रहती है तथा परिश्रम पूर्वक विभिन्न शास्त्रों का ज्ञान अर्जित करके एक विद्वान के रूप में सामाजिक मान-प्रतिष्ठा एवं सम्मान अर्जित करते है। दिल से कम और दिमाग से अधिक विचार करते हुए यह अपने जीवन में कई महतवपूर्ण कार्य करते हैं तथा धनैश्वर्य वैभव एवं भौतिक सुख संसाधानों को अर्जित करके आनन्दपूर्वक इनका उपभोग भी करते हैं।

शनि से प्रभावित होने के कारण मन में अस्थिरता का भाव रहेगा । आपकी दृष्टि छोटी से छोटी गलतियों को पकड़ने में सक्षम होती है, तथा अन्य जनों को प्रभावित करके उनके विषय में पूर्ण ज्ञान प्राप्त करने में आप अक्सर सफल होते हैं.कुम्भ लग्न में जन्मे जातक आकर्षक, पराक्रमी तथा तेजस्वी होते हैं परन्तु यदा-कदा उग्रता के प्रदर्शन से आपको अनावश्यक समस्याओं तथा परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

आर्थिक रूप से आपकी स्थिति सामान्यतया अच्छी रहेगी तथा आप आवश्यक मात्रा में धन एवं लाभ अर्जित करने में समर्थ होंगे। आपको नई जगहों पर जाना बेहद प्रिय है तथा अवसर मिलते ही  यात्रा आदि पर अपना समय व्यतीत करते हैं. । धन व्यय भी आप स्वतंत्र भाव से करते हैं लेकिन उत्तम आय होने के कारण इसका कोई विशेष दुष्प्रभाव नहीं होगा।

तमोगुणी राशि होने के कारण  इस राशि वालों को गुस्सा कम करते हैं और करते हैं तो फिर गांठ बांध लेते है। आप एकान्त प्रिय व्यक्ति है तथा कुछ हद तक स्वार्थी भी हैं. अगर आपका जन्म धनिष्ठा नक्षत्र में हुआ है तो आप  सरल स्वभाव वाले, उदार हृदय व स्नेहयुक्त व्यवहार  वाले  व्यक्ति है.

ऐसे जातक कल्पनाशील, भावुक एवं महत्वकांक्षी भी होते है, किन्तु  महत्वाकांक्षाऐं बहुत कम पूरी हो पाती है। एकान्त में पड़े रहना अथवा किसी पहाडी स्थान या वन्य प्रदेश में घूमने-फिरने की इनकी रूचि होती है। ऐसे जातक आवश्यक पड़ने पर ही किसी कार्य को करते हैं तथा इनकी उन्नति एवं अवनति आकस्मिक रूप से हुआ करती है।

धार्मिकता की भावना में अल्पता रहीत है एवं यह आधुनिक विचारों के होते है।धर्म के प्रति आपके मन में श्रद्धा रहेगी परन्तु धार्मिक कार्य-कलापों एवं अनुष्ठानों को कभी कभार ही सम्पन्न करेंगे। लेकिन  तीर्थ यात्रा पर जाने में सदा हे रूचि बनी रहती है।

सावधानी : लाल, गुलाबी पीले रंग से दूर रहें. 

पढ़ें : शनि शांति के उपाय 


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