" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
Pt Deepak Dubey

नवरात्र 2015/ नवरात्र/ Navratri/ Navratri Dates/Navratri 2015

शारदीय नवरात्र : 13 अक्टूबर ,2015 से 21 अक्टूबर ,2015

(Navratri : 13 October,2015 to 21 October,2015)

कलश स्थापन मुहूर्त : प्रातः 11.44 से दोपहर 12:34 तक

navdurga

इस बार शारदीय नवरात्र 13 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहा है तथा 21 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है , विजय दशमी २२ अक्टूबर को मनायी जाएगी .

जाने नवरात्र से सम्बंधित देवी , ध्यान मंत्र, रंग ओर ग्रह शांति

दुर्गा सप्तसती में लिखित कथा के अनुसार जब पृथ्वी पर राक्षसों ने अत्याचार कि सभी सीमाएं लांघ दी थी और उनको रोकना असंभव हो गया था तब सभी देवतायों ने मिलकर माँ भगवती से प्रार्थना की. माँ भगवती ने देवतायों को उनके नौ स्वरूपों कि आराधना करने के लिए कहा. शक्ति के परम स्त्रोत  यह देवी के नौ स्वरुप की पूजा एवं अराधना हिन्दू वर्ष के चैत्र एवं आश्विन मास की प्रथमा तिथि से नवमी तिथि तक की जानी चाहिए. उसी दिन से वर्ष के इन दोनों मास में माँ भगवती के भक्त नौ दिन बहुत श्रद्धा के साथ देवी के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं.

नवरात्रों में किसी भी प्रकार के अनुष्ठान और पूजा का महत्व और परिणाम कई गुना अधिक बढ़ जाता है . नवरात्र के दौरान आप माँ भगवती के पूजन और दुर्गा सप्तसती के पाठ के अलावा निम्नलिखित ज्योतिषीय उपचार भी करा सकते है

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