" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
Pt Deepak Dubey

chandra grahan

चन्द्र ग्रहण 2015 – Chandra Grahan 2015 – Lunar Eclipse 2015

2015 में भारत में दिखने वाले दूसरे चन्द्र ग्रहण का समय एवं तारीख

तारीख : 28 सितम्बर 2015 (सोमवार/चंद्रवार भाद्र पूर्णिमा)
समय :  5:42  से  10:52 AM

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यह ग्रहण 28 सितम्बर 2015 को अफ्रीका, मेक्सिको , उ. अमेरिका , कनाडा ,अलास्का , यूरोप , अरब देश , इराक , ईरान , अफगानिस्तान, पाकिस्तान आदि इन दिखाई देगा।  भारत में केवल गुजरात , राजस्थान के पश्चिमी भाग में चन्द्रास्त से पहले इस ग्रहण का अत्यंत अल्प ग्रास केवल 9  मिनट के लिए ही दिखाई देगा।

ग्रहण सूतक : इस ग्रहण का सूतक 27 सितम्बर 2015 को 18 : 37 (IST ) पर प्रारम्भ हो जायेगा।

विशेष: यह चन्द्र ग्रहण चंद्रवार (सोमवार) को घटित हो रहा है अतः यह “चूड़ामणि चंद्रग्रहण कहलाएगा” . चूड़ामणि चन्द्र ग्रहण का शास्त्रों में विशेष महत्व है.

  • ग्रहण काल में स्नान, दान, जप, मंत्र साधना एवं होमादि विशेष फलदायी होंगे।
  • यह चंद्रग्रहण भाद्र शुक्ल पूर्णिमा अर्थात प्रतिपदा श्राद्ध वाले दिन घटित हो रहा है. अतः ग्रहण के समय गंगा स्नान , तीर्थ स्नान, जप, मंत्र साधना के पश्चात अपने पूर्वजों का श्राद्ध अवश्य करे.
  • शास्त्रानुसार इस समय का किया हुआ दान भू -दान एवं ब्राह्मणो को दिया गया दान ब्रह्म यज्ञ तुल्य है।
                         यदि आपकी कुंडली में ग्रहण दोष है तो ग्रहण दोष शांति पूजा के लिए क्लिक करें.

चन्द्र ग्रहण (28 सितम्बर 2015) का राशियों पर प्रभाव

 

यह चन्द्र ग्रहण सोमवार को उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र एवं मीन राशि में घटित होगा अतः जनम या नाम नक्षत्र उत्तरा भाद्रपदा एवं जन्म या नाम राशि मीन वाले व्यक्तियों के लिए यह चंद्रग्रहण अत्यंत कष्टप्रद होगा।

 

मेष: मेष राशि के जातकों के लिए यह चन्द्र ग्रहण विशेष लाभदायक सिद्ध होगा. द्वादश भाव में………और पढ़ें

 

वृषभ: वृषभ राशि के जातकों के लिए यह चन्द्र ग्रहण धन हानि की ओर संकेत दे रहा है. धन से सम्बंधित …….और पढ़ें

 

मिथुन: मिथुनराशि के जातकों के सितारे संकेत दे रहे हैं कि आपका अपने बुजुर्गों से विवाद…….और पढ़ें

 

कर्क: यह समय कर्क राशि के जातकों के लिए धैर्य के साथ कार्य करने का होगा. भाग्य पक्ष …….और पढ़ें.

 

सिंह: यह चन्द्र ग्रहण आपके अष्टम भाव में लग रहा है अतः आपको बेहद सावधानी ……और पढ़ें

 

कन्या: यह चन्द्र ग्रहण कन्या राशि के जातकों के अष्टम भाव में लगेगा अतः जीवन साथी से तनाव ……..और पढ़ें

 

तुला: तुला राशि के जातकों के लिए यह चन्द्र ग्रहण लाभकारी सिद्ध होगा. कोर्ट कचेहरी के मामलों ……..और पढ़ें

 

वृश्चिक: वृश्चिक राशि के जातक सफलता पाने के लिए अधिक प्रयास करें.…….और पढ़ें

 

धनु: इस समय आप अपने परिवार में सुख की कमी महसूस कर सकते हैं. घर परिवार में बुज़ुर्ग महिलायों …….और पढ़ें

 

मकर : सितारे आपके करीबी मित्रों या भाई बहनों से विवाद होने के संकेत दे रहें है. बहनों में असंतोष ……और पढ़ें

 

कुम्भ: कुम्भ राशि के जातकों के लिए बेहद सावधानी बरतने का समय है क्योंकि सितारे धन हानि ……और पढ़ें

 

मीन: मीन राशि के जातकों के सितारे विश्वासघात होने की सम्भावना ……और पढ़ें


21 मार्च 2015 से 7 अप्रैल 2016 तक केवल चार ग्रहण ही होंगे. दो सूर्य एवं दो चन्द्र ग्रहण।

1. खग्रास चंद्रग्रहण ( 4 अप्रैल  2015 )

2. खण्डग्रास सूर्यग्रहण ( 13  सितम्बर 2015 )

3. खग्रास चंद्रग्रहण ( 28 सितम्बर 2015 )

4. खग्रास सूर्यग्रहण ( 9 मार्च 2016 )

इन चार ग्रहणों में से केवल 3 ग्रहण (दो चन्द्र ग्रहण तथा एक सूर्य ग्रहण) ही भारत में देखे जा सकेंगे । विदेशों में आंशिक सूर्य ग्रहण 13 सितम्बर 2015 को होगा।

2015 में भारत में दिखने वाले पहले चन्द्र ग्रहण  का समय एवं तारीख

तारीख : 4 अप्रैल 2015 (शनिवार-चैत्र शुदी पूर्णिमा)
समय :  3 :45 PM से  7 :15 PM

खग्रास की स्तिथि 5 :13 P M से 5 :45 P M तक केवल 35 मिनट तक ही रहेगी। भारत में चन्द्रमा ग्रसित हुआ ही उदय होगा। इसका खग्रास रूप भारत के पूर्वोत्तरी छोर पर बसे आसाम , अरुणाचल , नागालैंड , मिज़ोरम आदि प्रदेशों तथा अंडमान -निकोबार द्वीप समूह में केवल पांच मिनट के लिए ही देखा जा सकेगा।

सूतक – 4 अप्रैल 2015 को  चैत्र पूर्णिमा शनिवार में सुबह 9: 40 A M से शुरू हो जाएंगी । इस  चन्द्र ग्रहण का सूतक 4 अप्रैल 2015  को 3 : 45 P M (I S T ) से है प्रारम्भ हो जायेगा।

विशेष :

  • सूतक में बाल , वृद्ध , रोगी को छोड़कर अन्य किसी को भी भोजन शयनादि नहीं करना चाहिए.
  • गर्भवती महिलाओं को धारीदार छुरी , चाक़ू एवं कैंची का प्रयोग सूतक के समय नहीं करना चाहिए। ग्रहण के समय अपने आप को पूजा पाठ एवं अध्यन में व्यस्त रखें।

यह चन्द्र ग्रहण 2015, हस्त नक्षत्र एवं कन्या राशि में होगा इस कारण इन राशि एवं नक्षत्र लिए परेशानी का विषय बनेगा.


खग्रास चन्द्र ग्रहण (4 अप्रैल 2015) का राशियों पर प्रभाव

 मेष  सुख  तुला  हानि
 वृष  चिंता  वृश्चिक  लाभ
 मिथुन  कष्ट  धनु  सुख
 कर्क  धनलाभ  मकर  अपमान
 सिंह  हानि  कुम्भ  मृत्युतुल्य कष्ट
 कन्या  घात  मीन स्त्री/पति कष्ट

By: Pt. Deepak Dubey

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