" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे

घर बैठे आसानी से करें ‘ग्रहों के उपाए’

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली में अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के ग्रह होते हैं। यह ग्रह अपने समय पर अच्छे या बुरे परिणाम देते हैं। इन्हीं ग्रहों के कारण ही जीवन में सुख या परेशानियां आती हैं। कुंडली में खराब ग्रहों के चलते ही जातक को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों को ठीक करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं। यदि हम अपने रोजमर्रा के जीवन में कुछ बातों का ध्यान रखें तो ग्रहों के बुरे प्रभाव को काफी  हद तक ठीक कर सकते हैं। इसके लिए हमें अपनी कुछ आदतों में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। इन आदतों में बदलाव करके ग्रहों के कई बुरे प्रभावों को काफी हद तक दूर किया जा सकता हैं।

१. राहू : राहू ग्रह का नाम सुनते ही हमारे अंदर भय उत्पन्न हो जाता है। किन्तु ज्योतिष में राहू ग्रह के बुरे परिणामों को कम करने के कई उपाए हैं। शास्त्रों के अनुसार जिस घर में मेहमान को सम्मान  नहीं मिलता है,  उस घर में राहू अपनी विशोत्तरी दशा या सूक्ष्म विशोत्तरी दशा में बुरे प्रभाव देता है। राहू के बुरे प्रभावों को कम करने के लिए घर आए मेहमानों को पूरा सम्मान देना चाहिए। कहा जाता है कि यदि  कोई अनजान भी घर में आए तो उसको भी पूरा  मान देना चाहिए। इसके अतिरिक्ति कहा  घर में अपने बिस्तर पर कभी सिलवटें ना रहने दें। बिस्तर सदा साफ़ सुधरा स्वच्छ होना चाहिए . गंदे बिस्तर  पर  सोने से  राहू के बुरे परिणामों में वृद्धि होती है।

२. शनि : शास्त्रों के अनुसार जूते, चप्पल और मोजों को सलीके से उतारकर उन्हें निश्चित स्थान पर उतार देना चाहिए। इसके अतिरिक्ति घर में घूसने के बाद पैरों को अच्छी तरह से धोना चाहिए। कभी भी पैरों पर मैल ना जमनें दें।

३. शुक्र: शास्त्रों के अनुसार कभी भी घर में खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। खाली हाथ घर जाने से शुक्र खराब हो जाता है। शुक्र ग्रह को सही करने के लिए जब भी घर आएं तो अपने साथ कुछ सामान अवश्य लाएं, चाहें वह कोई खाने की चीज हो या घर की जरुरत का सामान या बच्चों के लिए कोई चीज। खाली हाथ घर लौटने से लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होती। खाला हाथ घर लौटने से शुक्र शुभ प्रभाव नहीं देता। हर रोज घर में कुछ न कुछ लेकर आना वृद्धि का सूचक माना गया है। ऐसे घर में सुख, समृद्धि और धन हमेशा बढ़ता जाता है।

४. बुध, सूर्य और चंद्र : घर और उसके आस पास हरियाली होनी चाहिए। इससे घर में स्वच्छ वायु रहती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घर के आस-पास हरियाली होने से सूर्य बुध और चन्द्र ग्रह अच्छे होते हैं।  घर में पौधे लगाएं, उनकी देखभाल करें। रोज सुबह उनको पानी दें। नियमित रुप से खाद आदि भी डालें। शास्त्रों के अनुसार जिन घरों में लगाए गए पौधे देखभाल के अभाव में सूख जाते हैं, वहां ये ग्रह बुरा प्रभाव देते हैं।

५. चंद्र : पानी चंद्र ग्रह का सूचक कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार जिस घर में पानी की फिजूलखर्ची होती है उस का चन्द्र खराब हो जाता है। चन्द्र ग्रह के शुभ परिणाम पाने के लिए पानी जरूरत के हिसाब से ही उपयोग करना चाहिए। इसके अतिरिक्ति प्यासे लोगों को पानी पिलाने से भी चन्द्र शुभ फल देता है।

६. सूर्य : सूर्य अग्नि का कारक है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति अग्नि का अपमान करता है उस व्यक्ति का सूर्य स्वत: ही खराब हो जाता है। इसी कारण से शास्त्रों में अग्नि का अपमान न करने के लिए कहा गया है। इसके अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को नीचा दिखाने या उसका आत्मविश्वास गिराने से भी सूर्य खराब हो जाता है।

७. केतु : शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन मछलियों को दाना खिलाने से केतु के बुरे प्रभावों से बचा जा सकता है। इसके अतिरिक्ति केतु को सुधारने के लिए घर में फिश एक्वेरियम भी रखी जा सकती है। किन्तु उसका पूरा ध्यान रखना चाहिए। ऐसा करने से केतु अपने शुभ फल देने लगता है।

८. गुरु: शास्त्रों में अपने से बड़े का आदर करने के लिए कहा जाता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में गुरू बुरे स्थान पर हो उसे कभी भी अपने से बड़े का अपमान नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि जहां बड़ों का अपमान होता है, वहां गुरु कभी शुभ प्रभाव नहीं देता।  गुरू के शुभ परिणामों को पाने के लिए अपने से उम्र में बड़े लोगों का सम्मान करना चाहिए। जो व्यक्ति प्रतिदिन अपने माता-पिता पैर छूता है और उनका सम्मान करता है उसे व्यक्ति पर गुरू कभी बुरा प्रभाव नहीं डालता है।

९. मंगल : मंगल रक्त का कारक ग्रह है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का मंगल खराब हो उस व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। इससे कई फायदे होते हैं। रक्त दान करने से हमारी कुंडली के खराब मंगल को ठीक किया जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल खराब है तो ऐसे व्यक्ति को वर्ष में कम से कम दो बार रक्त दान करना चाहिए।

पं धीरेन्द्र नाथ दीक्षित 

Astrotips Team


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