" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
Pt Deepak Dubey

Aries

विशेष :

  1. यह राशिफल सूर्य या चन्द्र राशि पर आधारित न होकर लग्न पर आधारित है.
  2. यह राशिफल बहुत ही सामान्य आधार पर है अतः किसी विशेष परिस्थिति में अपनी कुंडली की जाँच कराकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचे .
  3. अच्छे या बुरे परिणाम आपकी वर्तमान दशा- अंतर दशा पर निर्भर करते हैं.

 

वर्ष 2017 में ग्रहों की स्थिति

  • बृहस्पति: बृहस्पति वर्ष 2017 के आरम्भ में आपके चतुर्थ  भाव में हैं और वर्ष के आधे से अधिक समय तक यानी सितम्बर तक इसी भाव में बने रहेंगे.
  • शनि: शनि वर्ष 2017 के आरम्भ में आपके छठे  भाव में होगा, जनवरी माह की 26 तारीख को शनि राशि परिवर्तनकर आपके सप्तम भाव  में चला जायेगा.(शनि गोचर का प्रभाव जानने के लिए क्लिक करें )
  • राहु : वर्ष 2017 के आरम्भ से लेकर मध्य तक राहु आपके तीसरे स्थान पर रहेगा तद्पश्चात प्रवेश करेगा दूसरे भाव में.
  • केतु : केतु आपके भाग्य स्थान पर रहेगा अर्थात नवम भाव में है , बना रहेगा वर्ष 2017 के मध्य तक तद्पश्चात केतु प्रवेश करेगा अष्टम  भाव में.
  • वर्ष 2017 के प्रारंभ में शुक्र, मंगल और केतु की युति बनेगी नवम भाव में
  • सूर्य और बुध की युति सप्तम  भाव में

स्वास्थ: स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से वर्ष 2017 आपके लिए काफी बेहतर रहेगा. जून, जलाई  माह तक  सवास्थ्य सम्बन्धी  कोई समस्या आपको परेशान नहीं करेगी. यदि छोटी समस्याओं जैसे मौसमी बदलाव के कारण होने वाली समस्या या गैस और एसिडिटी को छोड़ दिया जाये तो कोई बहुत बड़े रोग होने की संभावना ग्रह  नहीं दे रहे हैं. परन्तु यह स्तिथि वर्ष के आधे भाग के उपरान्त बदलेगी और वर्ष के दूसरे भाग में आपको सतर्क रहने की आवश्यकता पड़ेगी, विशेषकर वाहन चलते हुए. ग्रह स्तिथियाँ कुछ अचानक घटना  -दुर्घटना या चोट के संकेत दे रहे हैं . अतः रात्रि को वाहन न चलायें और यदि आवश्यक हो तो किसी को साथ अवश्य ले.  आवेश में आकर या अचानक कहीं से बुलावा आने पर न जाएँ. थोडा ठहर कर  सोच विचार कर ही घर से निकलें. ऐसे समय में मानसिक संतुलन और शांति बनाये रखना आवश्यक होगा.

वर्ष के दूसरे भाग में रीढ़ की हड्डी या नर्वस सिस्टम से सम्बंधित कोई विकार हो सकता है. केतु का अष्टम पर प्रभाव के कारण अचानक समस्या  आ सकती है अतः अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें.

भाग्य : जून माह तक का समय बहुत अनुकूल है. विकास और उन्नति की संभावनाएं वर्ष के पहले आधे भाग में अधिक हैं. स्थाई संपत्ति के योग भी इसी समय बनेगे परन्तु ग्रह भी आपका तभी साथ देंगे यदि आप इमानदारी के साथ चलेंगे. यदि कोई भी कार्य आपने प्रलोभन वश किया तो धन के साथ साथ मान हानि का भी खतरा बनेगा. अपनी कथनी और करनी पर नियंत्रण रखें और जितना हो सके ईमानदारी से ही कार्यों को पूरा करें. अनैतिक कार्यों और अनैतिक संबंधों से दूर रहें . 


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