" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे

Chandra Shanti Ke Upay/ चन्द्र शांति के उपाय 

  1. लघु रूद्र का प्रयोग करें एवं नित्य शिव की पूजा करें.
  2. रात को पानी का बर्तन सर के पास रख कर सोये तथा सुबह वही पानी पिए.
  3. नित्य शिवलिंग पर ढूध चढ़ाएं एवं सफ़ेद पुष्प भी चढ़ाएं.
  4. सोमवार को “सुन्दर काण्ड” का पाठ करें.
  5. पूर्णिमा व्रत सहित चन्द्र मंत्र का विधिवत अनुष्ठान करना चाहिए.
  6. कर्क या वृष के निर्बल चन्द्र के लिए “भगवती गौरी” का पूजन करें.
  7. यदि चन्द्र मेष या वृषभ राशि का हो तो दुर्गा जी की आराधना करें. मध्य बलि चन्द्रमा के लिए माँ काली , दूषित क्षीण चन्द्र में चामुंडा देवी की आराधना करें.
  8. स्वस्थ्य एवं त्रिविध तापो के शमनार्थ महामृत्युंजय जपअमोघ है.
  9. निर्बल चन्द्र कैल्शियम की कमी दर्शाता है अतः खान पान में कैल्शियम की मात्र बढ़ा दें.
  10. केतु के साथ चन्द्र होने पर “गणपति” उपासना करनी चाहिए.
  11. दुर्गा सप्तशती का पाठ चन्द्र सहित सभी ग्रहों की अनुकूलतादायक एवं सर्वसिद्धिप्रद होता है.
  12. चावल, चांदी,  ढूध आदि का दान करें.
  13. मोती या चांदी धारण करना भी लाभप्रद होता है.
  14. माता (सास, मौसी, मामी या बुज़ुर्ग महिला) की सेवा करें
  15. घर में कहीं भी गन्दा पानी या कीचड़ न होने दें. पानी के सड़ने से चन्द्रमा रुष्ट होता है.
  16. शिव चालीसा का नियमित पाठ करें.
  17. एक अथवा पंचमुखी रुद्राक्ष को पूजा स्थान पर स्थापित कर नियमित पूजा करें
  18. दक्षिणावर्ती शंख की पूजा करें.
  19. “ॐ नमः शिवाय”  का नित्य जप करें.
  20. सूर्यास्त के बाद ढूध न पिए .
  21. यदि संतान प्राप्ति में चन्द्रमा बाधक है तो “वैदिक चन्द्र शांति” एकमात्र उपाय है.
  22. चन्द्र सम्बन्धी वस्तुओं का दान एवं सोमवार का नियमित व्रत करना चाहिए.

दूषित चंद्रमा के लक्षण और उससे जनित रोग 

चन्द्रमा को सुख-शांति का कारक माना जाता है…लेकिन यही चन्द्रमा जब उग्र रूप धारण कर ले तो प्रलयंकर स्वरूप दिखता है।चन्द्रमा से ही मनुष्य का मन और समुद्र से उठने वाली लहरे दोनों का निर्धारण होता है। माता और चंद्र का संबंध भी गहरा होता है। अशुभ या पीड़ित चन्द्रमा के लक्षण:

  • मूत्र संबंधी रोग
  • दिमागी खराबी
  • हाईपर टेंशन, हार्ट अटैक
  • मानसिक अवसाद (depression)
  • व्यसन प्रेमी
  • नेत्र विकार
  • मधुमेह
  • मिर्गी के दौरे
  • टी बी , निमोनिया , फेफड़े तथा वक्ष स्थल की बीमारियाँ आदि

बिना ज्योतिषी के परामर्श प्रयोग करने से लाभ की जगह नुकसानदायक साबित हो सकता हैं ग्रहों की स्थितिनुसार ही उपचार करना श्रेष्यकर है |


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