माँ कात्यायनी अनुष्ठान 

Maa Katyayani Anushthan

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अषाढ़ गुप्त नवरात्र तिथियाँ – 2017

06-Maa-Katyayani

 

 वैवाहिक जीवन में समस्या कई कारणों से हो सकती है , जैसे

  • गुण मिलान किये बगैर विवाह करना
  • मांगलिक दोष का निवारण किये बिना विवाह करना
  • सप्तमेश की स्थिति कुंडली में ख़राब हो और उसका निदान ना करना
  • सप्तम भाव में शनि , राहू जैसे क्रूर ग्रह या किसी शुभ ग्रह का पाप भाव में होकर बैठना इत्यादि

 

वैवाहिक जीवन यदि सुखमय नहीं है तो जीवन अत्यंत ही कठिन हो जाता है , इससे केवल पति – पत्नी ही परेशान नहीं होते बल्कि उनका पूरा परिवार इस समस्या से प्रभावित हो जाता है . कई बार देखा जाता है कि कुंडली में एक से अधिक दोष उपस्थित हैं तो ऐसे में क्या समाधान करे कोई ?

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 उपचारवैसे तो सामान्य अवस्था में यदि विवाह से पूर्व दोष की जानकारी हो जाये तो जिस ग्रह के कारण समस्या उत्पन्न होने का अंदेशा हो उसकी शांति कराना पर्याप्त होता है , परन्तु यदि विवाह हो चुका हो या एक से अधिक कारण हों तो माँ कात्यायनी का अनुष्ठान , विवाह बाधा को दूर करने का सर्वोत्तम उपाय है .

 कब करें : वैसे तो माँ कात्यायनी का अनुष्ठान किसी भी माह के प्रथमा तिथि से लेकर नवमी तिथि के बीच किया जा सकता है इसके अलावा प्रत्येक शुक्रवार के दिन से भी अनुष्ठान प्रारंभ कर सकते हैं इसके अलावा नवरात्र का समय भी सर्वोत्तम होता है .

 मात्रा : माँ कात्यायनी का अनुष्ठान कम से कम 3 दिन का और अधिकतम 9 दिनों का किया जाता है

 माँ कात्यायनी अनुष्ठान 
 तीन दिवसीय  नौ दिवसीय
 Rs.21000/- Request Now  Rs.51000/- Request Now

 

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