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Saturn In Capricorn/ Shani Gochar 2020/ Shani Gochar Makar Rashi Mein/ Saturn In Capricorn 2020/शनि गोचर 2020/ शनि मकर राशि में/ शनि मकर में 2020
मेष : शनि मकर राशि में होंगे जो आपके लिए दशम स्थान होगा – कार्य में उन्नति , राजनीती , धर्म या सामाजिक कार्य करने वालों के लिए सुनहरा समय पिता को लाभ ,पैत्रिक संपत्ति का लाभ , खर्च अधिक , जीवन साथी के साथ सहयोग और सम्बन्ध बेहतर , पारिवारिक सुख में कमी , माता को कष्ट , पुराने मकान या वाहन की खरीद संभावित है.
वृष : मकर राशि के शनि आपके लिए नवम भाव में होंगे – पैत्रिक संपत्ति मिलने की प्रबल संभावना , उच्च पद – प्रतिष्ठा की प्राप्ति , बहनों को कष्ट , करीबी मित्रों को आपके द्वारा कष्ट मिलने की संभावना , बाधा के साथ आय में वृद्धि , शत्रु लगातार बने रहेंगे और बेहद मजबूत होंगे अर्थात शत्रुओं को परास्त करना कठिन होगा , आलस्य भी हावी होगा , पुरुषार्थ कुछ कम होगा लेकिन लेकिन भाग्य का साथ रहेगा अतः काम बनते जायेंगे.
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मिथुन : शनि मकर में होने से अष्टम भाव में होंगे अतः कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा , रोग तो समाप्त होंगे लेकिन भाग्य रूठी – रूठी से रहने वाली रहेगी, धन खर्च अधिक होगा , शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति और संतान प्राप्ति की सम्भावना प्रबल रहेगी लेकिन कठिनाइयों के साथ , कार्य क्षेत्र में अवरोध का सामना करना पड़ेगा , किसी भी विवाद को नयायालय के बाहर भी हल कर लें , न्यायायिक प्रक्रिया में हानि का योग बनेगा , अपने अभिमान पर नियंत्रण रखें.
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कर्क : मकर के शनि सप्तम भाव में आयेंगे , कार्य-व्यापार को गति देने के लिए सर्वोत्तम समय प्रारंभ होगा , राजनीती के क्षेत्र के लोग उच्च पद – प्रतिष्ठा को प्राप्त करेंगे , भू समाप्ति बनाने के लिए भी यह समय सर्वोत्तम होगा , पैत्रिक सम्पत्ति के मामले में निराशा होगी , स्वास्थ्य कमजोर हो सकता है अतः स्वास्थ्य का बेहद ध्यान रखें , स्थान परिवर्तन होना शुभता को बढ़ाने वाला होगा , बहुत से लोग नौकरी त्याग कर स्वयं का काम प्रारंभ करेंगे.
सिंह : मकर राशि में शनि आपके लिए छठे भाव में होंगे अतः इस समय किसी से भी विवाद या शत्रुता आपको बहुत भारी पड़ेगी , यदि जन्म के समय भी शनि यहीं हों या इस समय शनि की दशा-अंतर हो तो शत्रुओं से सावधान रहें, वैवाहिक जीवन में कष्ट, सम्बन्ध विच्छेद हुआ तो बड़ी धन हानि और साझेदारों से भी हानि योग बनायेंगे यह शनि सेहत का ध्यान रखें , चोट – चपेट का भय उत्पन्न होगा , मित्र सहयोगी होंगे , यात्रायें कष्टकरी होंगी , जल-जंगल से भय रहेगा खर्च अधिक और अनियंत्रित हो सकता है
कन्या : मकर राशि में शनि आपके पंचम में होंगे अतः शिक्षा के दृष्टिकोण से यह समय सर्वोत्तम होगा , संतान प्राप्ति के लिए इच्छुक लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी , कर्ज लेना चाहते हैं तो उसकी प्राप्ति होगी , धन प्राप्ति में कुछ बाधा का योग बनेगा , बचत कम होगी और सुख सुविधाओं पर धन खर्च होगा , दूर दृष्टि प्रभावी रहेगी , हर कार्य को कई बार सोच कर फैसला लेंगे इसलिए कई बार कार्य प्रारंभ करने में विलम्ब भी होगा, अंतर्जातीय प्रेम सम्बन्ध या विवाह की संभावना प्रबल रहेगी लेकिन जीवन साथी से मनमुटाव भी होगा
तुला : शनि मकर राशि में होंगे तो आपके लिए यह चतुर्थ भाव में होंगे अतः व्यक्तिगत सुखों में जबरदस्त वृद्धि होगी , स्थायी संपत्ति में निवेश के लिए समय बेहद योगकारी होगा , पारिवारिक जीवन में स्थिरता आएगी , स्थान परिवर्तन लाभकारी होगा और सुकून देने वाला होगा , कार्य स्थल पर कुछ कठिनाई का सामना करना होगा , कर्ज समाप्त होगा , शत्रु परास्त होंगे , केस – मुकदमों में विजय होगी , इस दौरान आत्मबल जबरदस्त रहेगा , शिक्षा में धन खर्च होगा , संतान प्राप्ति के दृष्टिकोण से समय बहुत सहयोगी नहीं रहेगा , पिता के लिए हानिकारक होगा
वृश्चिक : मकर राशि में शनि का गोचर आपके पुरुषार्थ में वृद्धि करेगा , मित्रों और भाई- बहनों का सहयोग मिलेगा लेकिन यह गोचर बड़े भाई के लिए कष्टकरी हो सकता है , विदेशी भाषा पढने के लिए सर्वोत्तम लेकिन सामान्य शिक्षा में बाधा , भाग्य में भी कुछ बाधा , पहले के कार्य को बदलने से लाभ होगा , स्थान परिवर्तन या सुदूर जाने से लाभ का योग बनेगा , स्थायी सम्पति में निवेश के लिए ठीक समय नहीं लेकिन बिक्री करने के लिए सहयोगी समय होगा इस दौरान कर्म पर भरोसा अधिक करना श्रेयस्कर रहेगा .
धनु : मकर राशि में शनि होने से आपके लाभ में जबरदस्त वृद्धि के संकेत हैं , कार्य – व्यापार में वृद्धि , स्वयं के कार्य प्रारंभ करने के लिए अत्यंत योगकारी समय होगा , सुदूर से कार्य में और लाभ के योग बनेगें , स्थान परिवर्तन या जन्म स्थान से दूर जाने का योग बनाग , माता के लिए यह शनि कष्टकारी समय उत्पन्न करेंगे , भूमि और वाहन पर धन खर्च होगा , संपत्ति बेचने के लिए यह समय ठीक होगा , एक जगह टिक कर रहना मुश्किल होगा , स्वास्थ्य के मामले में भी कुछ सतर्कता की आवश्यक रहेगी
मकर : मकर राशि के शनि आपके लग्न में ही होंगे अतः निश्चय ही आत्मबल , ज्ञान , पराक्रम , पुरुषार्थ में अभूतपूर्व वृद्धि होगी यदि शनि की ही दशा या अंतर हुई तो कहना ही क्या , पद – प्रतिष्ठा में अभूतपूर्व वृद्धि मिल सकती है , स्थान परिवर्तन से लाभ होगा , जीवन साथी से कष्ट या विछोह का योग बनेगा , एक से अधिक संबंधों का भी योग बनेगा , बहुत से लोगों के लिए दूसरे विवाह का भी योग बनेगा , हठ बढ़ेगी , भाई – बहनों से वैचारिक मतभेद उत्पन्न होंगे और उनपर धन भी खर्च होगा , इस समय यात्रायें बहुत अधिक होंगी और मनोवृत्ति कुछ अनियंत्रित भी रहेगी .
कुम्भ : मकर राशि में शनि आपके लिए द्वादश भाव में होंगे , शनि आपके लिए लग्नेश भी है और द्वादसेश भी यहाँ शनि बहुत शुभ फल नहीं देंगे , धन बहुत खर्च होगा , परिश्रम के अनुरूप परिणाम नहीं आयेंगे अतः प्रयास और धैर्य की आवश्यकता अधिक पड़ेगी , लेकिन सुदूर की यात्रायें और प्रवास लाभ देने वाले होंगे , स्वास्थ्य का ध्यान भी रखना होगा , शत्रु बने रहेंगे लेकिन हावी नहीं होंगे , कर्ज समाप्त होगा , भाग्य डूबने नहीं देगी अतः कठिनाइयों में भी कोई ना कोई रास्ता मिलता रहेगा , जन्म स्थान से सुदूर जा सकें विशेष कर करियर के दृष्टिकोण से तो बहुत लाभ होगा . तंत्र मन्त्र और गूढ़ विद्याओं में रूचि बढ़ेगी और संसारिकता में रुझान कम होगा.
मीन : मकर राशि में शनि का आना आपके एकादश भाव को प्रभावित करेगा अतः आय में निश्चित वृद्धि होगी , एक साथ कई योजनायें बनायेंगे और उसपर काम भी करेंगे , शनि का मकर राशि में गोचर आपके शिक्षा में कुछ भटकाव उत्पन्न करेगी . संतान प्राप्ति के इच्छुक लोगों को सफलता कठिनाई से मिलेगी स्वास्थ्य के मामले में यह शनि कुछ कठिनाई देंगे , यदि शुक्र दशा अंतर है तो विशेष सतर्कता बरतें क्योकि कोई दीर्घ अवधि की व्याधि उत्पन्न हो सकती है .