Day: Sunday Date: 16-august-2026
Tithi: Shukla Panchmi Nakshatra: Hasta
Yoga: Sadhya Rahu Kaal: 17:21 - 18:59
More
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है " - पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है " - पं. दीपक दूबे
Pt Deepak Dubey

 मासिक शिवरात्रि

shankar-ji

हिन्दू धर्म में हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महा शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार महाशिव रात्रि के दिन मध्य रात्रि में भगवान शिव लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। शिव लिंग की भगवान शिव के प्रतीक रूप में सबसे पहले भगवान विष्णु और ब्रह्माजी द्वारा की गई थी। तभी से इस दिन को भगवान शिव के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। लेकिन बहुत कम ही लोग जानते हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। सर्वप्रथम माता पार्वती ने भगवान शिव का क्रोध शांत करने के लिए यह व्रत किया था। कहा जाता है इस व्रत को करने से भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं।

शिव को प्रसन्न करने का दिन है मासिक शिवरात्री

मासिक शिवरात्रि को लेकर एक कथा है कहा जाता है कि एक बार भगवान शिव बेहद क्रोध में थे सभी देवताओं को यह भय सताने लगा था कि कही इस क्रोध के कारण पूरी पृथ्वी ही भस्म न हो जाए। तब माता पार्वती ने भगवान शिव को शांत करने के लिए प्रार्थना की और वे शांत हो गए। उस दिन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी थी।  जिसके बाद से इस दिन मासिक शिवरात्रि मनाने की परंपरा शुरू हुई। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से वह बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते  हैं।

पूजा विधि

शास्त्रों के अनुसार मासिक शिवरात्रि की पूजा भी शिव पूजन की अन्य विधियों के समान  ही होती है। प्रदोष व्रत के समान  ही मासिक शिवरात्रि का भी व्रत होता है। प्रात: काल स्नान करके भगवान शिव की बेल पत्र, गंगाजल अक्षत धूप दीप सहित पूजा की जाती है  तथा  संध्या काल में पुन: स्नान करके इसी प्रकार से शिव जी की पूजा करके फलाहार लिया जाता है।

पं. धीरेन्द्र नाथ दीक्षित 

Astrotips Team

 


Puja of this Month

Rashifal 2026

Copyright © 2017 astrotips.in. All Rights Reserved.
Design & Developed by : v2Web
slot88