" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "  - पं. दीपक दूबे
 
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "  - पं. दीपक दूबे
 
Pt Deepak Dubey

Mercury in Taurus/ Mercury  Transit in Taurus/ Mercury Transit

बुध वृषभ राशि में/ बुध का वृषभ राशि में गोचर/बुध का राशि परिवर्तन

समय  8 जून (बुधवार), 2016 लगभग 10:05 बजे प्रातः

बुध वृषभ राशि में राशिफल

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मेष : तृतीयेश – षष्टेश बुध अब आपके द्वितीय भाव में प्रवेश करेगा जिससे वाकपटुता में अद्भुत वृद्धि होगी , अपने बुद्धि चातुर्य से आप सबको प्रभावित करेंगे और अपना काम निकालने में समर्थ होंगे . ऐसे समय में शिक्षा , लेखन , मीडिया के क्षेत्र से जुड़े लोगों को बहुत लाभ की सम्भावना बनेगी . बौद्धिकता के बल पर जीवन – यापन करने वाले लोगों को यह बुध बहुत लाभ देगा. इस समय आपकी महत्वाकांक्षा बढ़ेगी , थोड़ी स्वार्थपरता भी बढ़ेगी. मित्र बहुतु बनेगे , अनजान व्यक्तियों को भी मित्र बना लेंगे . यदि बुध की दशा भी हो तो इस समय बेहतर लाभ की उम्मीद कर सकते हैं आप.

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वृष : लाभेश और पंचमेश बुध वृषभ राशि वालों के लिए बहुत योगकारी है जो अब आपके लग्न में ही प्रवेश कर रहा है . यहाँ यह बुध “कुलदीपक” योग का सृजन करेगा. पारिवारिक जीवन में सुख की अनुभूति होगी साथ ही आप अपने पारिवारिक दायित्वों को केवल समझेंगे ही नहीं बल्कि उन्हें पूरा करने का प्रयास भी करेंगे और सफल भी होंगे . इस समय वैवाहिक जीवन भी सुखी होगा . मन प्रसन्न रहेगा और बौद्धिक क्षमता भी बढ़ी – चढ़ी रहेगी . शिक्षा में रूचि बढ़ेगी , संभव है कुछ धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियाँ भी हों , शुभ है बुध की यह स्थिति आपके लिए .

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मिथुन : लग्नेश और सुखेश बुध अब आपके द्वादश भाव में आ रहा है , बुध की यह स्थिति मिथुन राशि के लोगों के लिए अच्छी नहीं है , बुध के यहाँ आने से आपको हर कार्य में रुकावटों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि कोई भी कार्य आसानी से होगा ही नहीं और बहुत परिश्रम के बाद ही सफलता मिलने की संभावना बनेगी और कभी – कभी वो भी नहीं अतः संयम की आवश्यकता पड़ेगी . पारिवारिक खर्चे चरम पर पहुँच सकते हैं . इस समय चर्म रोग , जननेद्रियों  में रोग , तथा एलर्जी से सम्बंधित समस्यायें परेशान कर सकती हैं . गुप्त शत्रुओं से भी सावधान रहें , अचानक कोई बहुत विरोध कर सकता है जिसकी आपको उम्मीद भी नहीं होगी . कुल मिलाकर धैर्य और संयम से काम लेने का समय होगा विशेष कर यदि बुध की ही दशा भी हो तो .

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कर्क : कर्क लग्न के जातकों के लिए बुध द्वादश और तृतीय भाव का स्वामी है जो अब एकादश भाव में आएगा जिससे खर्च पर नियंत्रण होगा . बुध की यह स्थिति शिक्षा – प्रतियोगिता के लिए अत्यंत ही शुभ है . मित्रों और करीबी लोगों से लाभ होगा या तो उनके साथ के कारण या उनके सहयोग के कारण परन्तु स्थिति सुखद बनेगी. व्यापारियों के लिए कुछ नए कार्य भी प्रारंभ हो सकते हैं . नई नौकरी की तलाश है तो यह समय साक्षत्कार के लिए बहुत अनुकूल रहेगा . इस समय यदि आप तीर्थ या धार्मिक यात्रायें करें तो आपको बहुत लाभ होगा .

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सिंह : सिंह लग्न के जातकों के लिए बुध आर्थिक मामलों के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण ग्रह है क्योंकि यह दूसरे और एकादश भाव का स्वामी है जो अब आपके दशम भाव में आएगा . अत्यंत ही शुभ ग्रह के दशम भाव में आने से जीवन के हर क्षेत्र में बहुत शुभता बढ़ेगी विशेष कर सामजिक मामलों में . कुछ लोगों को स्थायी संपत्ति का योग भी बनेगा . उच्च अधिकारियों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा , यह समय पदोन्नति के लिए भी उत्तम है . इस समय आपकी महत्वाकांक्षा बहुत बढ़ेगी. कुल मिलाकर कहूँ तो यदि बुध की दशा है और कुंडली में भी बुध अशुभ नहीं है तो अत्यंत ही प्रभावशाली समय है लाभ उठायें.

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कन्या : कन्या लग्न के जातकों के लिए बुध लग्नेश और दशमेश है जो अब भाग्य स्थान पर आ रहा है , अद्भुत ! यदि आप संगीत , कला , लेखन या विज्ञान के क्षेत्र में है तो बहुत सफलता मिलेगी और ख्याति प्राप्त होगी . इस समय आपके मुंह से निकली लगभग हर बात सत्य होगी और आप स्वयं सत्य के करीब भी होंगे . यदि राजनीति के क्षेत्र में हैं तो आपका प्रभाव बहुत बढेगा . इस समय परिश्रम का खूब फल प्राप्त होगा . भाग्य साथ होगी अतः कोई भी कार्य यदि बढ़ाना चाहते हैं , निवेश करना कहते हैं या नया कार्य प्रारम्भ करना चाहते हैं तो कम से कम बुध बहुत ही सहयोगी है .. लाभ उठाइए .

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तुला : भाग्येश और द्वादशेश बुध अब आपके अष्टम भाव में आ रहा है , बुध की यह स्थिति बहुत सुखद नहीं है . हर कार्य में संघर्ष के बाद ही सफलता मिलेगी . भाग्य बहुत साथ नहीं देगी अतः नए प्रयोग से बचें . कुछ कार्यों में अनावश्यक के धन खर्च करने पड़ेंगें तभी सफलता मिलेगी . कर्ज भी लेना पड़ सकता है . कोई दीर्घकालिक स्वास्थ्य की समस्या प्रारंभ हो सकती है अतः किसी छोटे रोग को भी इस समय छोटा समझने की भूल ना करें . कार्यों में यथा स्थिति बनाये रखने का प्रयास करें .

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वृश्चिक : अष्टमेश तथा लाभेश बुध अब आपके सप्तम भाव में आ रहा है अतः जहाँ यह बौद्धिक क्षमता को बढ़ाएगा वहीँ वैवाहिक जीवन के लिए समस्या उत्पन्न कर सकता है,विशेष कर यदि कुंडली में भी कोई समस्या पहले से हो तो. यह समय कुछ ऐसा होगा कि ज्ञान होते हुए भी निर्णय गलत ले सकते हैं अतः सावधान रहें और महत्वपूर्ण निर्णयों पर अपने शुभचिंतकों की राय ले लें या ज्योतिषीय परामर्श ले लें. जीवन साथी के स्वास्थ्य के लिए यह समय संवेदनशील है ख्याल रखें . इस समय एक बात अच्छी है कि आप परिश्रम खूब करेंगे और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मन प्रसन्न रहेगा और आत्मबल बढ़ा रहेगा.

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धनु : धनु लग्न वालों के लिए बुध सप्तमेश और दशमेश है जो अब आपके छठे भाव में आ रहा है . बुध की यह स्थिति थोड़ी कष्टकारी है वैवाहिक जीवन में तनाव और प्रेम संबंधों में कुछ ना कुछ विवाद उत्पन्न हो सकता है . जो लोग विवाह के लिए प्रयासरत हैं उन्हें कुछ बाधा का अनुभव होगा . कर्ज की स्थिति बनेगी परन्तु कर्ज ना लेने की सलाह होगी क्योंकि इसे चुकाना अत्यंत ही कठिन हो सकता है. इस समय शत्रु भी बहुत परेशान कर सकते हैं . चर्म रोग उत्पन्न होने की प्रबल सम्भावना बनेगी . ननिहाल पक्ष से कुछ परेशानी उत्पन्न हो सकती है . कुल मिलाकर यह समय संघर्ष पूर्ण होने वाला है विशेष कर यदि बुध की दशा हो और बुध यदि जन्म कुंडली में भी दूषित हो .

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मकर : षष्टेश और भाग्येश बुध अब आपके पंचम भाव में आएगा , बुद्धि का प्रतिनिधित्व करने वाला ग्रह अब बुद्धि के स्थान पर और वह भी लग्नेश का परम मित्र अतः बहुत शुभफलदायी है . यह बुध आपके बौद्धिक क्षमता में अद्भुत वृद्धि करेगा साथ ही धन के मामले में भी सफलता देगा और षष्टेश होकर पंचम में होने से कर्ज से मुक्ति दिलाने में भी समर्थ होगा . इस समय आपका आध्यात्मिक विकास भी होगा. शिक्षा – प्रतियोगिता के लिए यह समय बहुत सफलता देने वाला होगा . इस समय आपकी सलाह बहुत लाभकारी होगी . व्यापारी वर्ग को बहुत लाभ होगा. कुल मिलाकर अत्यंत ही सहयोगी समय है लाभ उठायें.

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कुम्भ : कुम्भ लग्न के जातकों के लिए बुध अष्टम और पंचम भाव का स्वामी है जो अब आपके चतुर्थ भाव में प्रवेश करेगा . केंद्र में बुध अधिकांशतः शुभ फल ही देता है परन्तु चतुर्थ भाव में इसके प्रभावों में कुछ कमी भी होती है विशेष कर माता – पिता के संबंधों को लेकर कुछ मतभेद और कठिनाइयाँ उत्पन्न हो सकती है . हालाकि यह बुध आपके पति – पत्नी के रिश्तों को लेकर बेहतर रहने वाला है . शिक्षा के लिए यह बहुत हद तक सहयोगी रहेगा . इस समय दूसरों की गुप्त बातों को अपने तक ही सिमित रखें क्योंकि यदि उसे सार्वजानिक करेंगे तो आपको सार्वजानिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है .

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मीन : मीन लग्न के जातकों के लिए बुध चतुर्थ और सप्तम भाव का स्वामी है जो अब तीसरे भाव में प्रवेश करेगा . वृषभ राशि बुध की मित्र राशि है परन्तु लग्नेश से बहुत अच्छा सम्बन्ध नहीं है फिर भी पराक्रम भाव में बुध के आने से करीबी लोगों का खूब सहयोग मिलेगा . यदि कोई पैतृक संपत्ति का विवाद है तो अब यह आपके पक्ष में होगा . इस समय आपको अपने कार्य स्थल पर सम्मान मिल सकता है संभव है कुछ लोग पुरस्कृत भी हों . वैवाहिक जीवन सुखी होगा और जीवन साथी के साथ मिलकर या सलाह से कार्य करने पर बहुत लाभ होगा और भाग्य साथ देगी . इस समय सबसे अच्छी बात यह है कि आप अपनी वास्तविकता के करीब होंगे , सत्य बोलेंगे और धर्म और न्याय के पथ पर

बुध से सम्बंधित उपचार :

  1. गाय को हरा चारा खिलाएं
  2. गणेश भगवान् को दूब अर्पित करें और उनकी आराधना करें
  3. बुध कुंडली में वक्री हों तो परिणामों को विपरीत समझें
  4. बुध कमजोर हो तो हरी सब्जियों का सेवन करें
  5. अत्यधिक परेशानी की अवस्था में बुध की वैदिक शांति कराएँ.

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