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वृश्चिक राशि वालों के शनि के साढ़े साती का अंतिम दौर प्रारंभ होगा यह अंतिम ढाई वर्ष भी एक समान परिणाम नहीं देगा क्योंकि इस दौरान शनि 3 अलग – अलग नक्षत्रों में भ्रमण करेगा . क्या होगा इस प्रभाव आइये देखते हैं .
विशेष :
अंतिम दौर का प्रथम भाग (लगभग 13 माह ): शनि के इस अंतिम दौर के प्रथम भाग में उन सभी चीजों का परिणाम मिलेगा जो पिछले पांच वर्षों से आपने किया यदि पिछले पांच वर्षों में आपने धैर्य नहीं खोया है और सत्मार्ग से विरत नहीं हुए तो यह समय विशेष कर इसका अंतिम भाग अत्यंत ही उत्थान परक होगा अन्यथा यह समय और कठोर दंड देने वाला होगा . इस दौरान शनि की दृष्टि आपके चतुर्थ भाव में , अष्टम में और एकादश भाव में होगी . परिवार में कोई मांगलिक कार्य सम्पादित हो सकता है . अनावश्यक गतिविधियों में धन का व्यय होगा जिसके कारण धन का संचय कठिन होगा . आय के मामले में पुनः यह एक कठिन समय होगा .
अंतिम दौर का मध्य भाग (लगभग 13 माह ): कुछ लोगों का रुझान गहन आध्यात्म, दर्शन , भक्ति इत्यादि की ओर होगा. शनि साढ़े साती के अंतिम दौर के दूसरे भाग अर्थात मध्य भाग में भौतिक सुख – सुविधाओं में वृद्धि होगी . स्थायी संपत्ति – वाहन इत्यादि खरीदने का प्रबल योग बनेगा . कुछ लोगों के लिए यह समय माता – पिता से दूर हो जाने का भी होगा , आपसी विचार नहीं मिलेगें . इस समय मित्रों की संख्या खूब हो सकती है परन्तु दुर्व्यसन और गलत संगत में भी पड़ने की संभावना रहेगी .
वृश्चिक राशि वालों के लिए शनि साढ़े साती का अंतिम भाग का अंतिम दौर सामान्यतया सुख – सुविधाएँ , मान – सम्मान , तथा आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करने वाला होता है परन्तु यह तभी संभव है जब पूरे शनि के साधे साती के दौरान आपने संयम नहीं खोया है अन्यथा यह एक बार सबकुछ छुड़ा देने में समर्थ है और आपको पुनः स्तःपित होने में कुछ समय लग सकता है . एक बात तो तय है की यह शनि की साढ़े साती आपको देश – दुनिया और समाज के बारे में बहुत कुछ सिखा जाएगी और अधिकांश लोग विशेष कर जो अपने जीवन के मध्य दौर में हैं उन्हें जीना और उचित व्यवहार करना आ जायेगा .