" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
Pt Deepak Dubey

Venus Transit 2016/ Venus In Libra 2016/शुक्र गोचर 2016/ शुक्र तुला राशि में/ शुक्र तुला में 2016

shukra-dev-mantra
  • शुक्र अपनी स्वराशि तुला में 19 सितम्बर को मध्य रात्री 00:15 बजे प्रवेश कर रहा है.
  • यह राशिफल सूर्य या चन्द्र राशि पर आधारित न होकर लग्न पर आधारित है.
  • यह राशिफल बहुत ही सामान्य आधार पर है अतः किसी विशेष परिस्थिति में अपनी कुंडली की जाँच कराकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचे . अच्छे या बुरे परिणाम आपकी वर्तमान दशा- अंतर दशा पर निर्भर करते हैं.
  • शुक्र भोग , विलासिता , कला , सौन्दर्य , समृद्धि , भौतिक सुख , काम सुख का कारक है , पुरुषों में यह कमजोर हो तो संतान उत्पत्ति में बाधक होता है. शुक्र यदि नीचगत हो  या राहु तथा मंगल के प्रभाव में हो तो अति कामुक , उच्चस्थ , स्वराशिस्थ तथा मंगल के प्रभाव में हो तो व्यक्ति सेक्स के प्रति रूचि रखता है और उसका आनंद लेता है परन्तु व्यभिचारी नहीं होता . अधिकांशतः अच्छा शुक्र विशेष कर चतुर्थ , सप्तम , लग्न और द्वादश में एक से अधिक शारीरिक समबन्ध दे ही देता है. शुक्र चूँकि स्वराशि में आ रहा है अतः अधिकांश राशियों के लिए यह शुभ प्रभाव ही देगा .

 Click Here For Rashifal 2017

राशिफल 2017 के लिए क्लिक करें 

देखें वीडियो :

mesh मेष : शुक्र आपके सप्तम भाव में आ रहा है अतः जीवन साथी के कारण लाभ देगा , कार्य – व्यापार में वृद्धि कराएगा . शारीरिक सुख सुविधाओं में वृद्धि , सेक्स के प्रति रुझान में वृद्धि इत्यादि का योग प्रबल होगा. शुक्र से सम्बंधित कार्य – व्यापार करने वालों को खूब लाभ होगा. प्रेम संबंधों के लिए यह शुक्र सहयोगी होगा, बहुत से लोगों के लिए वैवाहिक प्रस्ताव आ सकते हैं .

vrishabha वृष : शुक्र आपके सप्तम भाव में आ रहा है अतः जीवन साथी के कारण लाभ देगा, कार्य – व्यापार में वृद्धि कराएगा . शारीरिक सुख सुविधाओं में वृद्धि , सेक्स के प्रति रुझान में वृद्धि इत्यादि का योग प्रबल होगा. शुक्र से सम्बंधित कार्य – व्यापार करने वालों को खूब लाभ होगा . प्रेम संबंधों के लिए यह शुक्र सहयोगी होगा , बहुत से लोगों के लिए वैवाहिक प्रस्ताव आ सकते हैं .

mithun  मिथुन : मिथुन लग्न में शुक्र पंचम और द्वादश भाव का स्वामी है जो अब आपके पंचम भाव में आ रहा है . यदि विवाहित है या कन्या संतति है तो इस समय बहुत मानसिक सुख प्राप्त होगा . बौद्धिक क्षमता बढ़ेगी , शिक्षा – प्रतियोगिता में उन्नति होगी . इस समय सारी बाधाएं समाप्त होंगी . यदि शुक्र की ही दशा अंतर हो तो आय में खूब वृद्धि होगी . प्रेम सम्बन्ध अच्छे व्यक्ति से बनेगा और मानसिक प्रसन्नता देने वाला होगा .

karka कर्क : यहाँ शुक्र चतुर्थ और एकादश भाव का स्वामी है जो अब आपके चतुर्थ भाव में आ रहा है . शुक्र चतुर्थ भाव में वैसे ही बहुत प्रभावी है और वह भी स्वराशि पर , यहाँ यह बहुत प्रबल राजयोग बनाता है , अतः हर प्रकार की सुख सुविधाओं को बढ़ाएगा. भौतिक सुखों में अभूतपूर्व वृद्धि होती है , प्रेम सम्बन्ध एक से अधिक होने की प्रबल सम्भावना होती है . वैसे यह इस पर निर्भर करता है कि जन्म कुंडली में शुक्र की स्थिति कैसी है,  फिर भी पारिवारिक सुखों में अच्छी वृद्धि करता ही है . वाहन खरीदने के लिए यह समय बहुत उपयुक्त है .

simha सिंह : सिंह लग्न के जातकों के लिए शुक्र दशम भाव और तृतीय भाव का स्वामी है जो अब आपके तृतीय भाव में गोचर करेगा . इस समय जिनको नौकरी की तलाश है वह संभवतः समाप्त हो जाये विशेष कर यदि शुक्र इस समय प्रभाव में है तो . मित्रों और भाई – बहनों से खूब सहयोग प्राप्त होगा . इस समय आपका जनसंपर्क बहुत तेज होगा और बहुत से नए लोग मिलेगें , मित्र बनेगे . अच्छे लोगों से मुलाकत होगी . भाग्य का साथ रहेगा  और उत्साह बढ़ा रहेगा.

kanya कन्या : कन्या लग्न के जातकों के लिए शुक्र अत्यंत ही योगकारक ग्रह है क्योंकि यह दूसरे स्थान और नवम स्थान का स्वामी है जो अब आपके दूसरे भाव में प्रवेश कर रहा है . आर्थिक  उन्नति के लिए यह बहुत ही शुभ है . वैसे बुध की स्थिति वर्तमान में अच्छी नहीं है फिर भी शुक्र अपना प्रभाव तो दिखायेगा ही . वाणी बहुत प्रभावशाली होगी साथ ही कार्य – व्यापार में खूब वृद्धि होगी विशेष कर यदि शुक्र से सम्बंधित कार्य है तो कहना ही क्या . इस समय देवी की  उपासना अद्भुत लाभ देगी . परिवार में भी सुख – समृद्धि में भी वृद्धि होगी .

tula तुला : तुला लग्न के जातकों के लिए शुक्र लग्नेश और अष्टमेश है जो लग्न में ही आ रहा है अतः कहना ही क्या . इस समय आपके अन्दर उत्तरदायित्व का भाव बढेगा , सबको साथ लेकर चलेंगे . सुख – समृद्धि में अपूर्व वृद्धि होगी . नए प्रेम सम्बन्ध बन सकते है . एक से अधिक भी हो सकते हैं . वैवाहिक जीवन में भी खुशियाँ आएँगी. मीडिया , फैशन , सामाजिक तह राजनैतिक क्षेत्र में कार्य करने वालों को बहुत सलफता मिलेगी . कुछ लोगों के लिए वैवाहिक प्रस्ताव भी संभावित है

vrishchika वृश्चिक : वृश्चिक लग्न में शुक्र द्वादश और सप्तम भाव का स्वामी है जो अब आपके द्वादश भाव में आ रहा है. शुक्र द्वादश भाव में अच्छा परिणाम ही देता है परन्तु बहुत खर्च भी कराता है वैसे ये खर्च स्वयं की सुख – सुविधाओं पर ही होगा . यात्रा सुखदायी होगी . विदेश जाने की सोच रहे हैं तो चले जाइये इस समय लाभ मिलेगा . विवाह में यह थोड़ी बाधा उत्पन्न करेगा या विवाह से सम्बन्धित कोई बात चल रही है तो उसे यह रोक सकता है . इस समय आपके अन्दर थोडा अभिमान बढ़ सकता है . गुप्त शत्रु इस समय बहुत परेशान करेंगे अतः सतर्क रहें और आँखें खुली रखें.

dhanu धनु :  छठें और एकादश भाव का स्वामी शुक्र अब आपके एकादश भाव में प्रवेश करेगा , जैसा पहले ही लिखा कि शुक्र अधिकांश लोगों को अच्छा परिणाम ही देगा और वाही आपके साथ भी होगा . नौकरी की अपेक्षा व्यापार करने वालों को यह अधिक लाभ देगा . शिक्षा – प्रतियोगिता और इंटरव्यू इत्यादि में सफलता के अच्छे आसार रहेंगे . शुक्र की दशा – अंतर हो तो कहना ही क्या बहुत आर्थिक उन्नति होगी . विवाह योग्य लोगों का विवाह अपने किसी परिचित से ही होने की सम्भावना बनेगी . विपरीत लिंग के जातकों से बहुत लाभ होगा . इस समय रोग –शोक और भय मिटेगा . इस समय आपकी कई इच्छायें पूर्ण होंगी .

makara मकर : मकर लग्न में शुक्र पंचम और दशम स्थान का स्वामी है जो अब आपके दशम भाव में प्रवेश करेगा . मकर वालों के लिए शुक्र राजयोग प्रदाता है और यह अब दशम भाव में स्वराशि में गोचर करेगा अतः पूर्ण राजयोग का निर्माण करेगा . बहुत मान – प्रतिष्ठा बढ़ेगी . इस समय धार्मिक या किसी बड़े प्रयोजन से यात्रा संभावित है , नौकरी में पदोन्नति का योग बहुत प्रबल होगा . भूमि – भवन – वाहन लेने के लिए यह समय सर्वोत्तम है और बहुत से लोग इसे लेने में समर्थ भी होंगे . इस समय दूसरों को मदद करने की भावना बहुत प्रबल होगी .

 kumbhaकुम्भ : चतुर्थ और भाग्य स्थान का स्वामी शुक्र अब आपके भाग्य स्थान में ही आ रहा है , भाग्येश का भाग्य स्थान पर होना इससे बड़ी कोई बात नहीं हो सकती , यदि इस समय शुक्र ही प्रभाव में भी हो तो कहना ही क्या . इस समय भाग्य का बहुत साथ होगा अतः जिस कार्य में भी हाथ डालेंगे सफलता मिलेगी . बहनों का या बहन तुल्य स्त्री से बहुत सहयोग और लाभ होगा साथ ही भाग्य को बढाने में भी सहयोगी होगा. इस समय आप लोगों को धन कर्ज के रूप में देने में समर्थ होंगे . घर में मेहमानों का आगमन होगा और आप प्रसन्नता पूर्वक उनका सत्कार भी करेंगे . आपकी ख्याति योग्तानुरूप चारो और फैलेगी .

meena मीन :  मीन लग्न में शुक्र तीसरे और अष्टम भाव का स्वामी है जो अब आपके अष्टम में ही प्रवेश करेगा. अष्टमस्थ शुक्र बहुत शुभ परिणाम नहीं देता. यह शुक्र परनिंदा की प्रवृत्ति उत्पन्न करेगा . वैवाहिक जीवन में कुछ कटुता उत्पन्न करेगा साथ ही यह आपके अन्दर आलस्य के भाव को भी बढ़ाएगा . कार्यों को दूसरे दिन पर टालने की प्रवृत्ति बढ़ेगी. कुछ लोग जो विधुर हैं या तलाकशुदा हैं उनके लिए यह दूसरे विवाह का प्रस्ताव लेकर आएगा या दूसरा विवाह कराएगा . इस समय नृत्य – संगीत में रूचि स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी.

Venus Transit 2016/Venus Transit In September 2016/ Venus In Libra 2016/ Venus In Libra/ शुक्र गोचर 2016/ शुक्र तुला राशि में/ शुक्र तुला में 2016

ॐ नमः शिवाय 

पं दीपक दुबे <View Profile>

 


Puja of this Month
New Arrivals
Copyright © 2017 astrotips.in. All Rights Reserved.
Design & Developed by : v2Web