Day: Sunday Date: 16-august-2026
Tithi: Shukla Panchmi Nakshatra: Hasta
Yoga: Sadhya Rahu Kaal: 17:21 - 18:59
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" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है " - पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है " - पं. दीपक दूबे
Pt Deepak Dubey

लग्न में बुध का प्रभाव 

लग्नस्थ बुध जातक को सुन्दर तथा बुद्धिमान बनाता है. जातक स्वभाव से विनम्र, शांत धैर्यवान, उदार तथा सत्य प्रेमी होता है. लग्नस्थ बुध का जातक परिस्थितियों के अनुकूल अपने आपको ढालने की अद्भुद क्षमता होती है.  वह परिस्थितियों का आंकलन कर उचित समय पर निर्णय ले लेता है.

बुध जिस भी राशि में हो उसका गुण आत्मसात कर  लेता है फलतः ऐसे जातक बहुत जल्दी दूसरों से घुल मिल जाते हैं तथा किसी भी बात को बहुत शीघ्रता से समझ लेते हैं. लग्न में बैठा बुध जातक को बुद्धिमान तथा जिज्ञासु बनाता है. ऐसा जातक गणित में कुशल होता है.

लग्नस्थ बुध का जातक आत्म केन्द्रित होता है तथा तर्क सांगत दृष्टिकोण रखता है. व्यवहार से हास परिहास प्रेमी तथा वार्ता में कुशल होता है. ऐसे जातक अक्सर विवादों को बहुत कुशलता से सुलझा देते हैं. लग्नस्थ बुध जातक को गहन अध्यन में रूचि देता है. लग्नस्थ बुध के जातक के जीवन में यात्राओं का विशेष महत्व होता है. जीवन में अनेक बार वह यात्राएं करता है कभी मौज मस्ती के लिए तो कभी व्यापार के लिए.

यदि लग्न में बुध हो तो कुंडली के अनेक दोषों का नाश होता है. लग्नस्थ बुध जातक को धनि , यशस्वी तथा एक प्रतिभासंपन्न विद्वान् बनाता है. लग्नस्थ बुध के जातक अधिकतर ललित कला प्रेमी होते हैं. शुभ ग्रहों की दृष्टि/ प्रभाव या युति के कारण जातक के गुणों में और अधिक वृद्धि होती है.

सूर्य + बुध = व्यापार कुशल तथ कर्तव्यनिष्ठ

चन्द्रमा + बुध = कमीशन के कार्यों या अनाज के थोक कार्यों से लाभ.

मंगल + बुध = भवन निर्माण या मशीनरी कार्यों में दक्षता

बुध + गुरू = स्वभाव में धार्मिकता और अध्यात्मिकता

बुध + शुक्र = ललित कलाओं में रूचि

बुध + शनि = आंकड़ो के विश्लेषण में दक्षता (Analytical Mind)

विषम (Odd) राशि यानी (मेष , मिथुन, सिंह, तुला , धनु , कुम्भ) का बुध शुभ माना गया है ऐसा जातक पत्रकारिता, लेखन या सम्पादन के क्षेत्र में सफलता पाते हैं वहीँ सम(even) राशि ( वृषभ, कर्क, कन्या , वृश्चिक, मकर और मीन) का बुध जातक को पुत्रों का सुख एवं लाभ देता है.

अग्नि तत्व राशि (मेष, सिंह, धनु ) का बुध जातक को लाभ तो देता है परन्तु भ्रष्ट और अनैतिक मार्ग द्वारा

भू तत्व राशि (वृषभ, मकर, कन्या ) का बुध जातक को अंतर्मुखी एवं एकांत प्रिय बनाता है.

वायु तत्व राशि (तुला, कुम्भ, मिथुन) का बुध जातक की कल्पना शक्ति को बहुत बढ़ावा देता है तथा लेखन, अन्वेषण या शोध कार्यों में सफलता दिलाता है.

जल तत्व राशी (कर्क, वृश्चिक, मीन) का बुध जातक को प्रकाशन कार्यों में सफल बनाता है.


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