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वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल एक क्रूर गृह है. जनम कुंडली में मंगल की स्तिथि से मांगलिक दोष , सुरक्षा, तनाव, विवाह की समस्या आदि का ज्ञान होता है. नीच का मंगल विपरीत देने में सक्षम है जैसे लूट, आजीवन कारावास, अपराध या हमला् . दूषित मंगल का सम्बन्ध आक्रमण ,संपत्ति से सम्बंधित विवाद , दुर्घटनाओं , ऋणों, शल्य चिकित्सा से है. नीच का मंगल या दूषित मंगल के बुरे प्रभावों को कम करने के लिए वैदिक मंगल शांति अनुष्ठान ही एकमात्र उपाय है.
मंगल शांति अनुष्ठान में मंगल मंत्र जप+ स्तुति और यज्ञ किया जाता है. वैदिक मंगल शांति अनुष्ठान में शुभ महूर्त, दिशा, हवन समिधा का विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि दूषित मंगल के नकारात्मक प्रभावों को अधिक से अधिक घटाया जा सके. सभी प्रमुख कर्म काण्ड मेरी देख रेख में संपन्न होते है.
| अनुष्ठान (एक दिवसीय)
11000 मंत्र जप +हवन
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Rs. 7100/-
USD 90 |
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| अनुष्ठान (आठ दिवसीय)
49840 मंत्र जप +हवन
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Rs. 21000/-
USD 248 |
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| अंगारक + मांगलिक दोष शांति
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Rs. 32000/-
USD 378 |
