" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
Pt Deepak Dubey

 Chandra Grahan 2016/Lunar Eclipse 2016/चन्द्र ग्रहण 2016

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chandra grahan

चन्द्र उप्छाया ग्रहण 16-17 सितम्बर, 2016 को लगेगा. यह ग्रहण भारत सहित एशिया, ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा आंशिक रूप से यूरोप, दक्ष‍िण अमेरिका में भी दिखाई देगा. 16 -17 सितंबर को भारतीय समयानुसार ग्रहण का समय-

उप्छाया ग्रहण प्रारंभ : 22:24 बजे         मध्य : 00:24 बजे            समापन : 02:23 बजे

2016 का “पहला चन्द्र ग्रहण”- अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें

 

यदि आपकी कुंडली में ग्रहण दोष  है तो “ग्रहण दोष शांति पूजा” के लिए यह दिन सर्वोत्तम है. “पितृ दोष शांति ” और  “वैदिक चन्द्र शांति पूजा ” के लिए भी यह दिन उपयुक्त माना जाता है. इस दिन किये गये कार्यों का प्रभाव कई गुना अधिक हो जाता है इसलिए मन्त्र सिद्धि और किसी भी तरह के धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए ग्रहण का  दिन अत्यंत ही उपयुक्त माना गया है.

देखें विडियो :

ग्रहण सूतक : इस ग्रहण का सूतक भारत में मान्य नहीं है.

विशेष : कुम्भ राशि के अंतिम तथा मीन राशि के प्रथम भाग को प्रभावित करेगा . पूर्वा भाद्रपद के तीसरे और चतुर्थ चरण को प्रभावित करेगा . कुंडली में भी “ग्रहण दोष” हो विशेष कर चद्रमा पीड़ित हो , राहू , केतु या शनि के साथ चंद्रमा की दशा – अंतर हो तो यह चन्द्र ग्रहण बहुत प्रभावी होगा .

चन्द्र ग्रहण (16-17 सितम्बर 2016) का राशियों पर प्रभाव

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मेष: धन हानि , संतान को कष्ट , अनावश्यक व्यय , माता को कष्ट संभावित , पारिवारिक सुख में कमी एवं संपत्ति की हानि संभावित है.

वृषभ: कार्य स्थल पर कठिनाई का अनुभव , पिता को मानसिक कष्ट , बड़े अधिकारीयों से मतभेद , बहनों को कष्ट , तथा पराक्रम में कमी का अनुभव करेंगे .

मिथुन: भाग्य पक्ष बेहद कमजोर और भाग्यवश आर्थिक हानि . शेयर लाटरी से हानि का योग , मन अशांत , वाणी असहज , अपनी इच्छाओं की अभिव्यक्ति में समस्या का अनुभव करेंगे.

कर्क: स्वास्थ्य की बेहद समस्या, गहरे पानी से दूरी बनाये रखें. किसी भी कार्य में बहुत ही प्रयास के बाद सफलता, यदि कुंडली में भी “ग्रहण दोष” या “काल सर्प दोष” हो या चंद्रमा अत्यंत ही कमजोर हो तो बेहद सतर्क रहें

सिंह: जीवन साथी के स्वास्थ्य की विकट समस्या उत्पन्न हो सकती है , साझेदारी  के कार्यों में हैं तो सतर्क रहें और कम से कम 15 दिनों तक नए कार्य किसी के साथ प्रारंभ ना करें . अनावश्यक की यात्रा में धन व्यय होगा .

कन्या:  आय में अचानक रूकावट , पेट , कफ़ और मौसम से सम्बंधित रोग परेशान कर सकते हैं . कर्ज लेने से बचें , शत्रु परास्त  होंगे , कोर्ट – कचहरी के मामलों में सफलता.

तुला: लाभकारी : मन उदास , निर्णय क्षमता कमजोर , कन्या संतति को कष्ट , गर्भवती महिलाओं को कष्ट, शिक्षा – प्रतियोगिता में सफलता के लिए अधिक प्रयास की आवश्यकता होगी .

वृश्चिक: माता को कष्ट , भाग्य पक्ष बेहद कमजोर , स्वयं के स्वास्थ्य की समस्या भी परेशान कर सकती है , महिलाओं को विशेष कष्ट , स्थायी संपत्ति में कम से कम 15 दिनों तक निवेश से बचें अन्यथा विवाद में फंस सकते हैं .

धनु: रोग व्याधि से मुक्ति , स्वास्थ्य बेहतर परन्तु बहनों को कष्ट , मित्रों से धोखा या मित्रों  को भी कष्ट , पराक्रम में कमी , आलस्य प्रभावी , आत्मबल भी कमजोर होगा.

मकर : जीवन साथी के लिए बेहद कष्टकारी योग बना सकता है यह, विशेष कर यदि उनकी कुंडली में भी वर्तमान में कोई प्रतिकूल ग्रह की दशा हो , आर्थिक मामलों में संघर्ष की स्थिति . वाणी दूषित ,धन संचय करना अत्यंत ही कठिन होगा.

कुम्भ: कुम्भ राशि के जातकों के लिए बेहद सावधानी बरतने का समय है क्योंकि सितारे धन हानि का प्रबल योग दिखा रहें हैं. निर्णय क्षमता कमज़ोर रहेगी अतः कई बार निर्णय हानिकारक हो सकते हैं. कोई भी कार्य करने से पहले सोच विचार आवश्यक है. वाणी के दूषित होने की भी सम्भावना है जो कि अनावश्यक विवादों को जन्म दे सकती है.

मीन: सन्तान के स्वास्थ्य के कारण धन का व्यय , शिक्षा प्रतियोगिता में बहुत परेशानी , यात्रायें प्रतिकूल और परिणाम हीन , .पदोन्नति के लिए अभी कोई प्रयास कम से कम 15 दिनों तक ना करें .

शुभम भवतु 

पं. दीपक दूबे (View Profile)


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