" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "- पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "- पं. दीपक दूबे
Pt Deepak Dubey

Mithun Rashifal 2022 : मिथुन राशिफल 2022

मिथुन राशिफल 2022 सूर्य या चन्द्र राशि पर आधारित न होकर लग्न पर आधारित है. वर्ष 2022 का राशिफल मिथुन लग्न के जातकों के स्वास्थ्य , व्यापार , भाग्य और वैवाहिक जीवन से सम्बंधित है.  राशिफल 2022 बहुत ही सामान्य आधार पर है अतः किसी विशेष परिस्थिति में अपनी कुंडली की जाँच कराकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचे . अच्छे या बुरे परिणाम आपकी वर्तमान दशा- अंतर दशा पर निर्भर करते हैं.

विशेष :

  • शनि ग्रह वर्ष के प्रारंभ में मकर राशि में रहेंगे फिर कुंभ में जायेंगे फिर इसी वर्ष पुनः मकर में आयेंगे फिर कुंभ में जायेंगे । तो शनि के आगे पीछे होने के कारण जो धनु और मीन राशि के लिए साढ़े साति का प्रभाव पूर्ण रूप से न होकर कम ज्यादा होता रहेगा।
  • इसी प्रकार ढैया का प्रभाव मिथुन और तुला राशिओं को रहेगा और साथ ही कर्क और वृश्चिक राशि को भी प्रभावित करेगी। 
  • राशिफल भले ही लग्न राशि से हो पर, साढ़े साति और ढैया हमेशा चंद्रमा की राशि से देखने का नियम है।
  • जन्म समय चंद्रमा जिस राशि में होता है वहाँ से शनि को देखा जाता हैं।
  • देवगुरू बृहस्पति वर्ष के प्रारंभ में कुंभ में और बाद में मीन राशि को प्रभावित करेंगे। बृहस्पति की दृष्टी भी तीन होती हैं पंचम, नवम, सप्तम इस प्रकार बृहस्पति इन राशिओं को भी प्रभावित करेंगे।
  • राहु- केतु का गोचर इस वर्ष के प्रारंभ में अप्रैल तक वृषभ और वृश्चिक में और उसके बाद मेष और तुला राशि वालों पर इसका प्रभाव रहेगा।
  • इस वर्ष के प्रारंभ में सभी राशिओं के लिए ‘कालसर्प योग‘ बन रहा है ।  सभी राशिओं के लिए यह अप्रैल तक प्रभावित रहेगा और इसके बाद धीरे- धीरे इसका प्रभाव कम होगा ।
  • 2022 में कुल चार ग्रहण होंगे दो सूर्य ग्रह दो चंद्र ग्रहण, चंद्र ग्रहण पूर्ण और सूर्य ग्रहण आंशिक होगा ।

करियर

मिथुन लग्न वालों के लिए अप्रैल तक समय करियर के लिए काफी संवेदनशील है । अच्छी ग्रह दशा चल रही हो तो ठीक है नही तो वर्ष का प्रारंभ थोड़ा कठिनाई भरा होगा । अगर किसी अच्छे ग्रहों की दशा अंतर्दशा चल रही हो तो उसमें इतनी परेशानीयां नही होती है । लेकिन इस साल अप्रैल तक कोई बड़ी उपलब्धि इस समय प्राप्त नही होंगी । क्योकिं अप्रैल तक शनि, राहु-केतु, बृहस्पति का परिवर्तन हो रहा है । अप्रैल तक कोई बड़ी पद- प्रतिष्ठा नही प्राप्त होगी । इसलिए जो है आपके पास उसको संभाल कर रखे । स्थान परिवर्तन का प्रयत्न ना करे, जबरदस्ती अपने काम जिद्द पकड़ के ना करे. अनावश्यक किसी चीज के लिए प्रयत्न ना करे अगर आप किसी अच्छी जगह बैठे है तो वही स्थिर रहे । स्वतः कोई अवसर आये तो वह कोशिश करे की उसकी जोइनिंग अप्रैल के बाद ले क्योकिं अप्रैल के बाद परिवर्तन के योग बने हुए है जिसमें शुभता रहेगी । अप्रैल से पहले भी अगर आप जिद्द करके कोई काम करते हैं तो उसमें भले आपको सफलता मिले क्योकिं कर्म भी बलवान होते है, पर उसमें स्थिरता नही रहेगी ।

भाग्य का साथ नही के बराबर रहेगा, कोई बहुत अच्छी चीज दिखेगी पर वह तुरंत आपको नही मिलेगी । वर्ष के प्रारंभ में आपको धैर्य रखने की आवश्यकता है, वर्ष के प्रारंभ में व्याकुलता, कठिनाई, अस्थिरता, चीजों का नही मिलना, चीजों में रुकावटों का आना या चीजें मिलते- मिलते नही मिलना इस तरह के योग बने हुए है ।  इस तरह की स्थिति से आपको घबराना नही है क्योकिं मई के बाद आपके लिए नये आयाम, नये रास्ते खुलेंगे, उसके बाद स्थिति सुधरेगी, उसके बाद चीजें प्राप्त होगी, उन्नति का योग बनेगा, पद- प्रतिष्ठा का योग बनेगा, भाग्य में वृद्धि होंगी, रुकी हुई चीजें प्राप्त होगी । अप्रत्याशित धन या धन प्राप्ति के लिए यह वर्ष इतना अच्छा नही रहेगा हालाँकि पद- प्रतिष्ठा के लिए अच्छा है, स्थान परिवर्तन से लाभ प्राप्त होगा, काम में संतृष्टी रहेगी, लेकिन बहुत अधिक धन प्राप्ति नही रहेगी, या प्राप्ति में संतृष्टी नही रहेगी । लेकिन कुल मिलाकर करिअर के लिए वर्ष का प्रारंभ कठिनाई भरा, चुनौती पूर्ण, परेशानीयां देने वाला, अवरोध उत्पन्न करने वाला रहेगा. वर्ष के मध्य के बाद कार्य व्यापार के लिए, पद- प्रतिष्ठा के लिए, मान- सम्मान के लिए अच्छा है ।

 वैवाहिक जीवन और प्रेम सम्बन्ध

प्रेम संबंधों के लिए वर्ष का प्रारंभ अच्छा है, विवाह के लिए पूरे वर्ष भर अच्छे योग बने हुए है लेकिन वर्ष का प्रारंभिक हिस्सा ज्यादा अच्छा है । यानि जनवरी, फरवरी, एप्रिल, मई तक आपका विवाह होता है तो उसमें शुभता अधिक है । उसके बाद भी विवाह के योग है ऐसा नही की उसके बाद विवाह नही होगा पर वर्ष के प्रारंभ में शुभता अधिक है ।

संतान प्राप्ति के लिए अच्छा समय है ।

शिक्षाक्षेत्र

शिक्षा के लिए अगर इस वर्ष बात करे तो करियर, विवाह से भी सबसे अच्छा साल शिक्षा के लिए बना हुआ है । उच्च शिक्षा के लिए बहुत अच्छा है जो लोग अपने- अपने किसी विशेष में शोध कार्य करना चाहते है तो उनके लिए बहुत अच्छा है । आध्यात्मिकता के लिए यह साल बहुत लाभकारी सिद्ध होगा । प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सफलता और शुभता का योग बना हुआ है । भगवान की कृपा से आपको सफलता प्राप्त होगी ।

स्वास्थ्य

स्वास्थ के लिए यह साल खराब है, विशेषकर वर्ष का प्रारंभिक समय बोहत ही संवेदना शील है । अगर किसी अच्छे ग्रह की दशा- अंतर्दशा चल रही हो तो वह अपवाद होगा नही तो कुछ ना कुछ कठिनाई होंगी इसलिए संभलकर रहना होगा । इस साल ना तो शनि की स्थिति अच्छी है, ना शुक्र की स्थिति अच्छी है, शरुआत में केतु और मंगल की स्थिति अच्छी नही है यह कहीं ना कहीं सर्जरी का योग, नर्वस सिस्टम से संबंधित समस्या, हड्डी से संबंधित समस्या, कहीं ना कहीं लगेगा हमारा पूरा शरीर ही सही नही है, पूरा शरीर समस्याओं का घर बन गया है खास करके वर्ष के प्रारंभ में । वर्ष के मध्य से कुछ स्थिति बेहतर होंगी जिसमे कुछ पुरानी बीमारियों से आपको राहत मिलेंगी नई बीमारी होने की संभावना कम रहेगी लेकिन वर्ष का पहला क्वाटर कठिनाई भरा रहेगा इसलिए वर्ष के प्रारंभ में बहुत सावधान रहना होगा । क्योकिं इस वर्ष अगर करियर विवाह जीवन, शिक्षा में सबसे नकारात्मक पक्ष स्वास्थ का ही है ।

अन्य

कर्ज मत लिजियें शरुआत  के दो महीने, उसके बाद कर्ज और शत्रु परास्त होने का योग बन रहा है । पैत्रिक संपत्ति मिलने के आसार अच्छे है, अगर पैत्रिक संपत्ति का कोई विवाद हो तो उसका निर्णय आपके पक्ष में आयेगा । पूरे वर्ष पर्यंत अपने किसी करीबी से वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो सकता है । वर्ष के प्रारंभ में यात्राएं कुछ कष्टकारी हो सकती है ।

इस समय आपको छठी इंद्री जागृत रहेगी अर्थात आपको घटना दुर्घटना का पहले से ही आभास रहेगा ।

सावधानियां

  • जिस ग्रह की दशा अंतर्दशा चल रही हो उस ग्रह से संबंधित दान, हवन, पूजन इत्यादि करे ।
  • भगवान शिवजी की नियमित पूजा आराधना करे ।
  • पानी अधिक पिये, आग , शस्त्र तथा बिजली के उपकरणों से सावधान रहें, खान- पान में परहेज़ रखें, व्यायाम करते रहे ।
  • संतान के लिए कष्टकारी, आपके लिए मानसिक बेचेनी, अनिद्रा और अज्ञात भय उत्पन्न हो सकता है । इसके लिए गणेश भगवान की नियमित पूजा करे।
  • महाकाली या भैरवनाथ का दर्शन करे ।
  • अगर काम में बाधा आती है या बैचेनी होती है तो गणेश जी की पूजा, हरी सब्जियां हरी चीजों का प्रयोग करे ।

शुभम भवतु

पं. दीपक दूबे (View Profile)

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