" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
Pt Deepak Dubey

Sun Transit in Capricorn/Sun Transit in Makar Rashi

सूर्य का मकर राशि में गोचर

15 जनवरी को मध्य रात्रि करीब 1.17 मिनट पर सूर्य धनु राशि से अपने पुत्र परन्तु शत्रुवत सम्बन्ध वाली राशि मकर में प्रवेश करेगा. मकर चर स्वभाव  और पृथ्वी तत्व की राशि है . सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने को ही मकर संक्रांति कहते हैं

सूर्य का यह गोचर जहाँ एक ओर मेष , वृषभ , कन्या , वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए शुभ सूचक है तो वहीँ यह संक्रांति मिथुन , कर्क , तुला , धनु , मकर और कुम्भ राशि के जातकों के लिए कष्टकारी होने वाली है .

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर क्या होगा आप पर प्रभाव आइये देखते हैं –

मेष राशि : मेष राशि के जातकों के लिए यह परिवर्तन दसम भाव में होगा जिसके परिणाम स्वरूप सम्मान की प्राप्ति होगी , उच्च अधिकारीयों से सहयोग मिलेगा परन्तु पिता से वैचारिक मतभेद हो सकता है , नौकरी में पदोन्नति के अवसर आयेंगे , चहुमुंखी विकास एवं प्रसन्नता की अनुभूति होगी

वृषभ राशि : यह परिवर्तन नवम  भाव में होगा सुखेश का भाग्य स्थान पर आना  सुख – समृधि में वृद्धि कारक होगा . यदि नए वाहन या भूमि इत्यादि खरीदने की सोच रहे हैं तो उत्तम समय है . परन्तु झूठे दोषारोपण का शिकार हो सकते हैं सावधानी बरतें . यदि राहू का अंतर – प्रत्यंतर हो तो धटना – दुर्घटना की संभवना बनेगी .

मिथुन राशि : मिथुन राशि के जातकों के लिए यह परिवर्तन अष्टम में होगा , सूर्य पराक्रमेश है अतः पराक्रम भंग होगा अर्थात नियामत दिनचर्या बिगड़ेगी , भाई – बहनों और करीबी मित्रों से सम्बन्ध ख़राब हो सकते हैं , धन हानि की सम्भावना बनेगी , दाम्पत्य सुख में कमी महसूस करेंगे .  मन व्यग्र हो सकता है तथा क्रोध की अधिकता रहेगी .

कर्क राशि: सप्तम भाव में शत्रु राशि पर सूर्य का गोचर वैवाहिक सुख के लिए अच्चा नहीं है , साझेदारी के कार्यों में हानि संभव है . जीवन साथी के स्वास्थ्य की समस्या उत्पन्न हो सकती है . पेट के निचले हिस्सों में कोई रोग उत्पन्न हो सकता है अतः सावधानी अपेक्षित है .

सिंह राशि : लग्नेश का शत्रु की राशि में तथा छठे भाव में आना कही से शुभ सूचक नहीं है , यदि किसी विपरीत ग्रह की दशा विशेष कर शनि , राहू की दशा हो तो स्वास्थ्य का बेहद ध्यान \रखें , धन हानि की प्रबल संभावना बनेगी . बच्चे आपकी बात नहीं सुनेगें . मानसिक बेचैनी और अनिद्रा की परेशानी भी उत्पन्न हो सकती है .

कन्या राशि  : इस समय कार्यों में सफलता मिलेगी . शिक्षा – प्रतियोगिता में उत्तम सफलता के योग बनेगें . जो भी कार्य हाथ में लेंगे वह शीघ्रता से पूर्ण होगा . उच्च अधिकारीयों से तथा समाज के लब्ध – प्रतिष्ठित व्यक्तियों से संपर्क बढेगा . अतः कुल मिलाकर लाभ प्रद स्थिति रहेगी .

तुला राशि : सूर्य का चतुर्थ भाव में आना शुभ सूचक नहीं है . परिवार में स्त्रियाँ बीमार होंगी . पारिवारिक सुख में भारी कमी महसूस करेंगे . यदि कृषि कार्य से जुड़े हैं तो हानि के संकेत है सावधानी बरतें . मानसिक कष्ट और क्लेश से मन व्यथित रहेगा .

वृश्चिक राशि:  यह अत्यंत ही शुभता भरा गोचर होने वाला है . रोग और कर्ज से मुक्ति मिलेगी . पराक्रम खूब बढ़ा – चढ़ा रहेगा . समाज में मान सम्मान बढेगा और करीबियों का सहयोग मिलेगा . धन की आवक अच्छी रहेगी . कुल मिलाकर एक अच्छा समय है लाभ उठायें .

धनु राशि :  बहुमूल्य सामानों के खोने का भय बनेगा . आँखों में तथा सर में दर्द और कष्ट होने की संभावना रहेगी . मन कुछ विचलित रहेगा तथा व्यसन और गलत कार्यों की ओर रूचि बढ़ेगी . निर्णय शक्ति कमजोर रहेगी अतः किसी बड़े आर्थिक फैसलों को कुछ समय के लिए टाल देना ही हितकर रहेगा .

मकर राशि : आपके राशि पर ही सूर्य का गोचर हो रहा है सूर्य अष्टमेश है और राशि पर आ रहा है अतः निरुद्देश्य यात्रायें संभव हैं , जीवन साथी के साथ सामंजस्य बैठाने में बेहद परेशानी होगी , यदि जन्मकुंडली में विवाह सम्बन्धी कोई दोष है तो इस समय वैवाहिक जीवन अत्यंत कठिन हो सकता है . मुंह – आँख और सिर से सम्बंधित कष्ट की प्रबल सम्भावना है .

कुम्भ राशि: अचानक धन हानि के संकेत है . कार्य – व्यापार में रूकावट का अनुभव करेंगे . नए काम जल्दी नहीं बनेगे . व्यय करते समय सोच – विचार कर फैसले लें . घर से बाहर विवादों से अत्यंत ही दुरी बनाकर चलें और कोई भी विवाद इस समय न्यायलय में ना पहुंचे इस बात का ध्यान रखें .

मीन राशि : वाणी प्रखर होगी , शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे और धन की आवक अच्छी रहेगी . पराक्रम बढेगा अचानक और अप्रत्याशित धन लाभ की संभवना बहुत प्रबल है . यदि कोई पुराना रोग चला आ रहा है तो वह अब समाप्त होगा . इष्ट – मित्र और करीबी खूब साथ देंगे . कर्ज की स्थिति यदि बनी हुई थी तो उससे मुक्ति मिलेगी .

सूर्य  के उपचार :

  • सोने या ताम्बे के श्री यंत्र के पूजा करें
  • आँगन में या घर के मध्य में पीली रौशनी जलाएं
  • जितना हो सके सफ़ेद कपडे ही पहने
  • लाल मुंह के बंदरों को गुड़ खिलाएं
  • गेंहू , गुड़ , तांबा , लाल वस्त्र और लाल फल , शहद इत्यादि का दान करें .
  • आदित्य हृदय स्तोत्र पढ़ें
  • ॐ घ्रिणी सूर्याय नमः का जप करें
  • आँखों की पीड़ा हो तो चाक्षुषोपनिषद का पाठ करें
  • मकर लग्न के जातक यदि सूर्य की दशा हो तो महामृत्युंजय मन्त्र का जप करें

शुभम भवतु 

ज्योतिर्विद पं. दीपक दूबे 


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