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आजकल जहाँ सभी वस्तुएं धन से ही खरीदी जा सकती हैं, वहां धन को इश्वर तुल्य महत्ता दी जाने लगे तो अतिश्योक्ति न होगी. धन के आभाव में जीवन की कल्पना भी भयावह लगने लगती है. ज्योतिष विद्या के अनुसार कुंडली देखकर यह बताया जा सकता है कि धन का योग प्रबल है या नहीं. धन के न रुकने की समस्या भी एक जटिल समस्या है , ऐसी ही धन संबंधी समस्यायों में “श्री सूक्त पाठ” बेहद कारगर साबित होता है.
जब भी किसी कुंडली में दूसरे और ग्यारहवें घर का स्वामी कमज़ोर या दूषित हो , जैसे मंगल , राहु या केतु दुसरे घर में हो या उनका प्रभाव छठें या बाहरवें घर पर हो तो ऐसी स्तिथि में धन की समस्या उम्र भर सताती रहेगी.
“श्री सूक्त पाठ” केवल धन सम्बन्धी समस्याओं के लिए ही नहीं बल्कि धन , वैभव ,सुख और समृद्धि के लिए भी किया जाता है.
| श्री सूक्त 21 पाठ | Rs 6100/- USD 72 Request Now |
| श्री सूक्त 101 पाठ | Rs 21000/- USD 365 Request Now |
| श्री सूक्त 501 पाठ | Rs 51000/- USD 600 Request Now |