" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे
Pt Deepak Dubey

Mercury Transit In Pisces/ Mercury Transit In Meen Rashi 

बुध का राशि परिवर्तन/ बुध का मीन राशि में गोचर 

19 मार्च 2016 शाम 4.43

 

बुध राशि परिवर्तन का आपकी राशि पर प्रभाव 

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मेष : तृतीयेश – षष्टेश बुध, द्वादश भाव में आएगा. यह बुध की  नीच राशि भी है , इसके परिणाम स्वरूप विदेशी कार्यों से लाभ , बहनों को कष्ट और उनके कारण धन का व्यय , पराक्रम में कुछ कमी महसूस होगी परिश्रम का लाभ कम मिलेगा , एक्सपोर्ट – इम्पोर्ट के कार्यों से लाभ होगा. बुद्धि के बल पर शत्रुओं को परास्त करेंगे .

वृष : लाभेश और पंचमेश के एकादश भाव में आने कारण बहुत लाभ होगा . बौद्धिक क्षमता में बहुत वृद्धि होगी , निर्णय क्षमता अद्भुत रहेगी . तर्क शक्ति खूब बढ़ी – चढ़ी रहेगा . हर निर्णय और कार्य को नाप –तोल कर करेंगे जिसके कारण हानि के अवसर नहीं आयेंगे और आपको लाभ होगा . यदि बुध की दशा चल रही हो तो कहना ही क्या . संतान के कारण भी सुख मिलेगा और शिक्षा – प्रतियोगिता , साक्षत्कार के लिए सही समय रहेगा .

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मिथुन :  क्या कहने , लग्नेश और सुखेश दशम  भाव में आ रहा है , हालाकि यह अपनी नीच राशि में है फिर भी अत्यंत ही शुभ है . भूमि – भवन और वाहन खरीदने के लिए उचित समय है , ऐश्वर्य और प्रसिद्धी का समय रहेगा यह . अपनी बुद्धि के बल पर और चतुराई से अपने काम निकलने में समर्थ रहेंगे . यदि को संपत्ति से सम्बंधित कार्य या विवाद है तो उसमे आपको सफलता मिलेगी . पारिवारिक सुख में अभूतपूर्व वृद्धि के योग हैं .

कर्क : कर्क लग्न के जातकों के लिए बुध द्वादश और तृतीय भाव का स्वामी है जिसके भाग्य स्थान में आने से पराक्रम और कार्य क्षमता तथा कार्य में दक्षता तो खूब बढ़ेगी परन्तु भाग्य में कुछ अवरोध उत्पन्न होगा अतः इस समय, जब तक बुध आपके भाग्य स्थान पर है जल्दी सफलता की उम्मीद ना करें बल्कि अपने प्रयासों में निरंतरता बनाये रखें . भाई – बहनों से स्नेह और सहयोग मिलेगा . जो लोग संगीत , वेद विद्या , लेखन इत्यादि के क्षेत्र में कार्यरत हैं उन्हें ख्याति और लाभ मिलेगा .

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सिंह : सिंह लग्न के जातकों के लिए बुध आर्थिक मामलों के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण ग्रह है क्योंकि यह दूसरे और एकादश भाव का स्वामी है , यह सिंह लग्न के लिए अष्टम भाव में आयेगा अतः “आय भंग और लाभ भंग “ का सृजन होगा इसके परिणाम स्वरूप कार्यों में अवरोध उत्पन्न होगा , हर कार्य में बाधा आएगी जो धन से सम्बंधित हैं . लोग आपसे अकारण इर्ष्या करेंगे और अकारण ही हानि पहुचाने का प्रयास करेंगे . हाँ एक बात अच्छी रहेगी की यह आपकी बुद्धि को सही दिशा में रखेगा और देर से तथा अत्यधिक प्रयासों के बाद सफलता अवश्य दिलाएगा अतः निरंतरता बनाये रखियेगा .

कन्या : कन्या लग्न के जातकों के लिए बुध लग्नेश और दशमेश है , यहाँ इसके सप्तम भाव में आने से जबरदस्त राजयोग का सृजन होगा भले ही यह अपनी नीच राशि में है परन्तु अत्यंत ही सार्थक परिणाम देगा . स्त्रियों के कारण लाभ होगा , जीवन साथी से खूब वैचारिक एकता बढ़ेगी और आपसी सामंजस्य से कार्य सम्पादित करने में समर्थ होंगे . सदाचार पर बने रहेंगे , सोच नियंत्रित और सही दिशा में रहेगी . इस समय आपके द्वारा किये हुए कार्य और प्रयास फलीभूत होंगे . साझेदारी  के कार्यों में भी अच्छी सफलता मिलेगी . नाम – पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी . कुल मिलाकर बुध का यहाँ आना आपके लिए अत्यंत शुभ है .

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तुला : तुला लग्न के जातकों के लिए बुध अत्यंत ही महत्वपूर्ण ग्रह है क्योंकि यह तुला लग्न वालों के भाग्य पर नियंत्रण रखता है . यहाँ बुध के छठे भाव में आने से भाग्य भंग योग का सृजन होगा अतः किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने में बहुत कठिनाई होगी . बुद्धि भी बहुत साथ नहीं देगी और अकारण ही शत्रु परेशान करेंगे . इस समय आपकी भावना परोपकार की रहेगी और परोपकार तथा धार्मिक कार्यों में धन का व्यय करेंगे . इस समय पर स्त्री या पुरुष से सम्बन्ध स्थापित हो सकता है अर्थात विवाहेतर सम्बन्ध बनने की सम्भावना रहेगी विशेष कर यदि जन्म कुंडली में भी बुध भी यही स्थित है तो .

वृश्चिक : अष्टमेश तथा लाभेश के पंचम भाव में जाने से आपको शिक्षा और प्रतियोगिता के क्षेत्र में लाभ मिलेगा साथ ही आर्थिक सफलता भी मिलेगी परन्तु आपके अन्दर उससे संतोष नहीं बल्कि असंतोष ही व्याप्त रहेगा , खुशी की कमी महसूस होगी और अपनी वर्तमान परिस्थिति से अप्रसन्न रहेंगे . उच्च शिक्षा के लिए प्रयास रत लोगों को लाभ होगा , संतान को कुछ त्वचा सम्बंधित कष्ट उत्पन्न हो सकता है .

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धनु :  सप्तमेश और दशमेश बुध आपके चतुर्थ भाव में आ रहा है अतः पारिवारिक सुख – सुविधाओं में वृद्धि होगी परन्तु अति महत्वाकांक्षा से बचें साथ ही बहुत बड़ी – बड़ी योजनायें ना बनायें बल्कि अपने वास्तविक स्थिति और परिस्थिति का अवलोकन करें क्योंकि इससे आपको कोई लाभ नहीं होने वाला बल्कि व्यर्थ ही समय और सोच की हानि करेंगे . माता को सुख मिलेगा और यदि उनके स्वास्थ्य की कुछ समस्या थी तो उसमे सुधार आएगा . अपने से बड़ों की सलाह पर चलेंगे तो बहुत लाभ होगा .

मकर : आपके लिए बुध का यह राशि परिवर्तन अत्यंत ही शुभ है , भाग्य में अभूतपूर्व वृद्धि होगी . भाई – बहनों से और मित्रों से खूब सहयोग प्राप्त होगा और लाभ होगा . इस समय आपकी सोच अत्यंत ही सकारात्मक रहेगी , एक अत्यंत ही सुलझे हुए व्यक्तित्व को दर्शाने में आप सफल होंगे . इस समय आप के अन्दर न्याय की भावना अत्यंत ही प्रबल रहेगी और आप सबके साथ बराबर का व्यवहार करेंगे . लड़ाई – झगड़ों से दूर रहना पसंद करेंगे और विवादों को शांत तथा संयमित रहते हुए बुद्धि के बल पर सुलझा लेंगे . किसी भी प्रकार के कार्य में इस समय आपको सफलता अवश्य मिलेगी .

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कुम्भ :  कुम्भ लग्न के जातकों के लिए बुध अष्टम और पंचम भाव का स्वामी होने के कारण कुछ अच्छे तथा कुछ बुरे परिणाम देने वाला है . इस समय आपकी वाकपटुता देखने लायक होगी . बौद्धिक क्षमता खूब बढ़ी – चढ़ी रहेगी . पदोन्नति के लिए अत्यंत ही उपयुक्त समय है . शिक्षा – प्रतियोगीता में लाभ के अच्छे आसार हैं . धन के मामलों में संभल कर चलने की सलाह दूंगा . धन डूब सकता है अतः किसी को कर्ज ना दें या देना भी है वापसी सुनिश्चित करें वैसे ना देना ही बेहतर होगा .

मीन :  मीन लग्न वालों के लिए बुध का लग्न में आना अत्यंत ही शुभ है विशेष कर शिक्षा और मान – प्रतिष्ठा के मामलों में . स्वास्थ्य कुछ कमजोर हो सकता है , तेज एसिडिटी और त्वचा  से सम्बंधित परेशानियाँ उत्पन्न हो सकती है अतः थोडा सावधान रहें . इस समय सेक्स के प्रति रुझान में बहुत कमी आएगी . कार्य – व्यापार में लाभ मिलेगा और साझेदारों से सहयोग एवं आर्थिक सहायता प्राप्त होगी . कुल मिलाकर थोडा खट्टा और थोडा मीठा अनुभव देगा यह राशि परिवर्तन .

बुध से सम्बंधित उपचार 

  • गाय को हरा चारा खिलाएं
  • गणेश भगवान् को दूब अर्पित करें और उनकी आराधना करें
  • बुध कुंडली में वक्री हों तो परिणामों को विपरीत समझें
  • बुध कमजोर हो तो  हरी सब्जियों का सेवन करें
  • अत्यधिक परेशानी की अवस्था में बुध की वैदिक शांति कराएँ .

 

गणेश चतुर्थी 2016                        संकटनाशन गणेश स्तोत्र                                    ऋण मोचक मंगल स्तोत्र


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