" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- पं. दीपक दूबे

Aries

कन्या राशि को काल पुरुष की कुंडली में छठा स्थान प्राप्त है , इसका स्वामी ग्रह बुध है . कन्या लग्न में जन्मा जातक मझोले कद और समान्यतः भरे हुए चेहरे वाला होता है. नेत्र काले और घुंघराले बाल इनकी पहचान होती है. कन्या लग्न के जातकों में स्त्री स्वभाव की झलक साफ़ दिखाई देती है.  कन्या राशि में यदि चन्द्रमा हो तो मनुष्य में स्त्रियों के हाव भाव आना स्वाभाविक है.लज्जा, संकोच युक्त दृष्टि एवं झुके हुए कंधे एवं लटकी हुई भुजाएं ऐसे मनुष्य के लक्षण होते हैं….आगे पढ़ें 

 

 

साप्ताहिक राशिफल : कन्या राशि / Virgo Weekly Horoscope

16 Oct- 22 Oct 2017

  •  यह राशिफल लग्न पर आधारित है | कोई भी निष्कर्ष से पहले जन्मकुंडली की जांच अवश्य करवाये.

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दिवाली कैलेन्डर 2017

छात्रो को शैक्षणिक कार्य में सुखद परिणाम मिलेगें | सन्तान को स्वस्थ्य विकार होगा |वाणी में कठोरता का भाव बना रहेगा, बात-चीत में वाणी व आवेश पर संयम रखें |  पदोन्नति के योग बन रहे हैं |

मासिक राशिफल अक्टूबर -2017 : कन्या राशि/ Monthly Horoscope Virgo : October-2017

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दिवाली कैलेन्डर 2017

शिक्षा के क्षेत्र में धन खर्च के योग बन रहे हैं इसलिए शेयर बाज़ार या किसी भी प्रकार के आर्थिक जोखिम से बचें. सहयोगी या साझेदार से अमन मुटाव की स्तिथि बनेगी. साझेदारी में किसी भी ने कार्य को आरम्भ न करें. हानि हो सकती है. प्रतिद्वंदी बदने के कारण आपको मानसिक परेशानी हो सकती है.

वार्षिक राशिफल – 2017 : कन्या राशि/ Yearly Horoscope Virgo -2017

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कन्या राशिफल 2016

Aries

कन्या राशिफल 2017 सूर्य या चन्द्र राशि पर आधारित न होकर लग्न पर आधारित है. वर्ष 2017 का राशिफल कन्या लग्न के जातकों के स्वास्थ्य , व्यापार , भाग्य और वैवाहिक जीवन से सम्बंधित है. कन्या राशिफल 2017 बहुत ही सामान्य आधार पर है अतः किसी विशेष परिस्थिति में अपनी कुंडली की जाँच कराकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचे . अच्छे या बुरे परिणाम आपकी वर्तमान दशा- अंतर दशा पर निर्भर करते हैं.

 वर्ष 2017 में ग्रहों की स्थिति

  • बृहस्पति: सप्तमेश और सुखेश बृहस्पति वर्ष 2017 के प्रारम्भ से ही आपके लग्न में रहेगा, और आधे से अधिक समय तक लग्न में ही बना रहेगा.
  • शनि: पंचमेश और छठे भाव का स्वामी शनि वर्ष 2017 के जनवरी माह तक तीसरे भाव में ही रहेगा और 26 जनवरी को शनि गोचर के उपरान्त आ जायेगा आपके चतुर्थ भाव में.  26 जनवरी को शनि गोचर के प्रभाव जानने के लिए क्लिक करें 
  • राहु : राहु लगभग आधे वर्ष तक आपके द्वादश भाव में रहेगा और उसके बाद एकादश भाव में आ जायेगा.
  • केतु : केतु लगभग आधे वर्ष तक आपके छठे भाव में रहेगा और उसके बाद पंचम भाव में आ जायेगा
  • वर्ष के प्रारंभ में सूर्य- बुध आपके चतुर्थ भाव में रहेंगे और शुक्र- मंगल छठे भाव में रहेंगे.

स्वास्थ्य: कन्या लग्न के जातकों के लिए वर्ष 2017 स्वास्थ्य के मामलों में एक बेहतर वर्ष माना जायेगा. किसी बड़े रोग या चोट आदि का खतरा इस वर्ष दिखाई नहीं दे रहा है, परन्तु अपने खान पान पर आपको नियंत्रण रखना ही होगा क्योंकि मोटापा बढ़ने के पूरे पूरे आसार हैं. जहाँ तक हो सके वसा युक्त खाना त्याग दें. घर के बने भोजन को ही प्राथमिकता दें. फ़ास्ट फ़ूड न खाए न ही परिवार में किसी को खाने दें. नियमित व्यायाम, फल और  हरी सब्जियों को अपने खाने में शामिल करें. यदि आप मधुमेह के मरीज हैं तो थोड़ी सावधानी बरतें. थाइरोइड से परेशान जातकों के लिए भी सचेत रहने का समय है.  यदि पहले ही किसी रोग से ग्रसित हैं तो रोग समाप्त होंगे या उनका प्रभाव नियंत्रित रहेंगे.

इस वर्ष आप शारीरिक और मानसिक दोनों ही प्रकार से स्वस्थ रहेंगे. मन उत्साहित और संतुलित रहेगा परिणामस्वरूप आपके निर्णय सही दिशा में होंगे और सोच सकारत्मक रहेगी.

भाग्य: वर्ष 2017 का दूसरा भाग आपके लिए उन्नतिदायक होगा. प्रचुर मात्र में धन के आगमन की संभावना है. गूढ़ विद्याओं में आपकी रूचि बढ़ेगी और साथ ही दूरदर्शिता भी. भविष्य में होने वाली घटनाओं को आप पहले से ही भांप लेंगे. धर्म और न्याय के पथ पर आपका सकारात्मक दृष्टिकोण होगा. आप दूसरों की मदद करने में भी नहीं हिचकिचाएंगे. जून माह के उपरान्त सितारे और बेहतर होंगे और आप शुभ और धार्मिक कार्यों में अवश्य मदद करेंगे और आपके घर से कोई भी मदद मांगने वाला  खाली हाथ नहीं लौटेगा.  पुराने चले आ रहे कर्जों से आपको मुक्ति मिलेगी. कुल मिलकर वर्ष 2017 कन्या लग्न के जातकों के लिए उत्थान परख समय है इसका सदुपयोग करें.

कार्य और व्यापार : कार्य व्यापार के लिए वर्ष 2017 कन्या लग्न के जातकों के लिए उन्नतिदायक रहेगा. जून या जुलाई माह तक हो सकता है आपको थोड़ी बहुत परेशानी हो परन्तु वह भी शीघ्र ही ठीक हो जाएगी. आप नई योजनाओं पर कार्य करेंगे और सफलता भी प्राप्त करेंगे. यदि नौकरी पेशा हैं तो पदोन्नति की संभावना भी बनती दिख रही है. ग्रह दशा स्थान परिवर्तन के योग दिखा रहा है परन्तु यह परिवर्तन आपके लिए शुभ फलदायी होगा.

कन्या लग्न के जातक यदि साझेदारी में कार्य कर रहे हैं तो भी आपको परिणाम बेहतर मिलेंगे. नई  योजनायें फलीभूत होंगी. वर्ष पर्यंत आय के स्रोत बने रहेंगे परन्तु वर्ष के प्रारंभ में व्यय अधिक होने की संभावना है. आपको अपनी बचत की ओर ध्यान देना पड़ेगा और फ़िज़ूल खर्ची पर भी रोक लगानी पड़ेगी. यात्राएं व्यर्थ की हो सकती हैं जिनके कारण धन और समय दोनों ही बर्बाद होंगे  अतः सोच समझ कर  ही यात्रा के प्रस्ताव स्वीकार करें.

बौद्धिक पक्ष / शिक्षा : यदि आप विद्यार्थी हैं तो अपने परिश्रम को इस वर्ष थोडा और बढ़ा दें क्योंकि संघर्ष  के बाद ही सफलता के योग बन रहें हैं. असफलताओं से घबराएं  नहीं और न ही हार मान कर  बैठें क्योंकि अंत में विजय आप ही की होगी, केवल प्रयास और अधिक करने होंगे.

वैवाहिक जीवन एवं समबन्ध: कन्या लग्न के जो जातक विवाह के इच्छुक हैं उनके लिए वर्ष 2017 , सितम्बर तक का समय बेहद अनुकूल है. ग्रहों की दशा विवाह के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगी और आपकी  विवाह बंधन में बंधने की संभावनाएं अधिक होंगी. प्रेम संबंधों के लिए यह वर्ष अनुकूल नहीं है. आपका मन अशांत रहेगा और आप अपने साथी से बहुत अधिक उम्मीद लगायेंगे जो कि पूरी नहीं हो पायेगी. प्रेम सम्बन्ध में आप असहज और उतावले रहेंगे. हो सकता है आप दोनों में आपसे दूरी भी आ जाये . मन मुताबिक चीजे न मिलने के कारण आपकी उम्मीद टूटेगी.

आवश्यक

  • करीबी लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है
  • वाद विवाद से दूर रहें.
  • भाई बहनों और सम्बन्धियों से सम्बन्ध मधुर बनाए रखें अन्यथा हानि होने की संभावना अधिक है.
  • पैत्रिक संपत्ति पाने के लिए ग्रहों की दशा अनुकूल नहीं है. हो सकता है इस प्रकार के मामलों में आपको कठिनाई हो.
  • मां के स्वास्थय  का ख़याल रखें
  • लाभ के उद्देश्य से किया गया धन का निवेश हानि देगा.
  • व्यसन और अनैतिक कार्यों से दूरी बनाए रखें.
  • घर में किसी मूल्यवान वस्तु की चोरी की संभावना है अतः अपने घर में काम करने वालो पर निगरानी रखें.
  • अति विश्वास से बचें.
  • बिजली के उपकरणों के द्वारा क्षति की संभावना है.

संवेदनशील समय

  • मार्च , अप्रैल और सितम्बर माह में सावधान रहें.

उपाय 

  • केतु की दशा या अन्तर्दशा में या केतु के प्रभाव में यदि आप हों तो भगवान् गणेश की आराधना सर्वोपरि है.
  • केतु सम्बन्धी दान करें.
  • अधिक कठिनाई में ‘वैदिक केतु शांति अनुष्ठान कराएं’.

शुभम भवतु 

पं. दीपक दूबे (View Profile)


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