Aries

वृश्चिक राशि को काल पुरुष की कुंडली में आठवां स्थान प्राप्त है . वृश्चिक लग्न का स्वामी मंगल है अतः इस लग्न में जन्मे जातक में क्रोध की अधिकता रहती है. मंगल के प्रभाव के कारण इस लग्न में जन्मा जातक दबंग , हठी एवं स्पष्टवादी होता है. अपनी बात को सदा निभाने वाला तथा बिना परवाह किये अपने सम्मान के लिए लड़ जाना वृश्चिक लग्न के जातकों की पहचान है. इस लग्न में उत्पन्न जातक सामान्यतः स्वस्थ एवं बलवान होता है….और पढ़े

 

 

साप्ताहिक राशिफल : वृश्चिक राशि / Scorpio Weekly Horoscope

14 Aug- 20 Aug 2017

  •  यह राशिफल लग्न पर आधारित है | कोई भी निष्कर्ष से पहले जन्मकुंडली की जांच अवश्य करवाये.

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नए पद की संभावना बन रही है , क्रोध पर नियंत्रण रखें , सरकार से हानि , राजनीति में सफलता एवं उच्च पद की प्राप्ति, जीवन और अपने सहयोगियों को प्रसन्न रखें उपहार दें , प्रेम सम्बन्ध बनने की संभवना.

मासिक राशिफल अगस्त  -2017 : वृश्चिक राशि/ Monthly Horoscope Scorpio : August-2017

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देखें जुलाई 2017 में पड़ने वाले व्रत एवं त्यौहार      

इस माह में पड़ने वाले व्रत एवं त्यौहार 

इस माह आपके मन के  द्वन्द और भय का अंत होगा और आप उसपर नियंत्रण पा लेंगे. आप किसी निश्चित निर्णय पर पहुँच पाएंगे. आपको अपने से बड़े लोगों का सहयोग प्राप्त होगा जो आपको सफलता दिलाएगा. शिक्षा प्रतियोगिता में भाग लेंगे  तो सफलता अवश्य मिलेगी. किसी  समर्थ व्यक्ति का सहयोग लेने में हिचकिचाएं नहीं अपितु अपने कार्यों और विचारों को साझा करें सफलता अवश्य मिलेगी. जीवन साथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें. प्रेम संबंधों ओर वैवाहिक जीवन में यदि द्वेष है तो टूट सकता है. नए संबंधों से बचें.

वार्षिक राशिफल – 2017 : वृश्चिक राशि/ Yearly Horoscope Scorpio -2017

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वृश्चिक राशिफल 2016

Aries

वृश्चिक राशिफल 2017 सूर्य या चन्द्र राशि पर आधारित न होकर लग्न पर आधारित है. वर्ष 2017 का राशिफल वृश्चिक लग्न के जातकों के स्वास्थ्य , व्यापार , भाग्य और वैवाहिक जीवन से सम्बंधित है. वृश्चिक राशिफल 2017 बहुत ही सामान्य आधार पर है अतः किसी विशेष परिस्थिति में अपनी कुंडली की जाँच कराकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचे . अच्छे या बुरे परिणाम आपकी वर्तमान दशा- अंतर दशा पर निर्भर करते हैं.

 

वर्ष 2017 में ग्रहों की स्तिथि

  • बृहस्पति: बृहस्पति इस वर्ष रहेंगे आपके एकादश भाव में, सितम्बर माह तक और उसके बाद स्थान परिवर्तन कर आ जायेगे आपके व्यय स्थान पर यानी द्वादश भाव में .
  • शनि: वर्ष 2017 में शनि आपके लग्न स्थान पर रहेंगे और जनवरी के अंत में शनि के राशी परिवर्तन के साथ ही शनि आ जायेंगे आपके दूसरे भाव में.  “26 जनवरी को शनि गोचर के प्रभाव जानने के लिए क्लिक करें 
  • राहु : राहु रहेगा आपके दशम भाव में और आधे वर्ष के उपरान्त आ जायेगा आपके नवं भाव यानी भाग्य स्थान पर.
  • केतु : केतु लगभग आधे वर्ष तक बैठा रहेगा आपके चतुर्थ भाव में और उसके बाद आ जायेगा आपके तीसरे भाव यानि पराक्रम स्थान पर
  • यदि आपकी चन्द्र राशि भी वृश्चिक है तो शनि साढ़े साती का अंतिम दौर प्रारंभ हो जायेगा. “शनि साढ़े साती का प्रभाव” जानने के लिए क्लिक करें 

स्वास्थ्य: यह वर्ष स्वास्थ्य के मामले में कुछ राहत देने वाला होगा विशेषकर जनवरी माह के बाद. यदि पहले से ही आप कुछ अस्वस्थ हैं तो जनवरी माह के बाद आपको आराम मिलने लगेगा. वर्ष के अंत में हो सकता है कुछ नर्वस सिस्टम से सम्बंधित समस्या आपको झेलनी पड़े परन्तु यह भी उन्ही जातकों के लिए होगी जिनका लग्नेश दूषित हो या कोई विपरीत ग्रह की दशा चल रही हो. वैसे कुल मिलकर देखा जाये तो छोटी-मोटी मौसमी बदलाव के कारण होने वाले रोगों के अलावा कोई गंभीर बीमारी के लक्षण वर्ष 2017 नहीं दे रहा है.

कार्य और व्यापार : कार्य व्यापर की स्तिथि वर्ष 2017 में बेहतर रहने वाली है. शनि का दूसरे भाव में आना आपकी बचत को बढ़ावा देगा और सितम्बर माह तक गुरु का एकादश भाव में रहना आपके लिए बेहद लाभकारी होगा. आर्थिक दृष्टि से देखा जाये तो धन के मामले में आपको इस वर्ष चिंता नहीं करनी पड़ेगी. कार्य व्यापार में लाभ के योग बनेगे. यदि आप किसी नयी योजना पर कार्य करना चाहते हैं तो बेझिझक आगे बढिए भाग्य आपके साथ है. पिछले कुछ वर्षों में यदि आपका कार्य व्यापर नहीं चल रहा था या बंद था तो भी आप नए सिरे से शुभारम्भ कर सकते हैं. निश्चय ही आपका विकास होगा.

नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति संभावित है. स्थान परिवर्तन की स्तिथि में भी आपको लाभ ही मिलेगा. अपने से उच्च अधिकारियों का सहयोग और सम्मान की प्राप्ति के योग बन रहे हैं. स्थाई संपत्ति में यदि आप निवेश की सोच रहे हों तो जुलाई माह तक रुकना पड़ेगा, उसके बाद का समय ही धन निवेश के लिए उत्तम है. वर्ष के प्रारंभ में धन निवेश में हानि उठानी पड़ सकती है. यदि आप कोई संपत्ति खरीद भी लेते हैं तो वह जल्दी  बिकेगी नहीं.

बौद्धिक पक्ष / शिक्षा शिक्षा के मामले में वर्ष 2017 सबसे अधिक सहयोगी रहने वाला है. विद्यार्थी यदि थोडा भी परिश्रम करें तो उनके प्रयास फलीभूत होंगे और इच्छा अनुरूप परिणाम सामने आयेंगे. वृश्चिक लग्न के विद्यार्थियों  के लिए सितम्बर तक का समय बेहद अनुकूल और सफलतादायक है. कुल मिलकर देखा जाये तो वर्ष 2017 एक उत्थान परख और उन्नतिदायक वर्ष साबित होगा.

वैवाहिक जीवन एवं समबन्ध: वैवाहिक जीवन में इस वर्ष आप शांति का अनुभव करेंगे. यदि पिछले वर्ष आप वैवाहिक जीवन में तनाव से गुज़रें हैं तो वर्ष 2017 आपको मानसिक शांति का अनुभव कराएगा. यदि आपसी संबंधों में कोई तनाव आता भी है तो केवल जनवरी माह तक ही रहेगा. शनि के गोचर के साथ ही स्तिथियाँ बदलेंगी और आप अपने जीवन साथी के साथ प्रेमपूर्ण समय व्यतीत करेंगे . विवाह योग्य जातकों के लिए भी यह वर्ष शुभ रहने वाला है , आप इस वर्ष मनचाहा जीवन साथी पाने में सफल होंगे. यदि प्रेम सम्बन्ध में हैं तो आपके संबंधो में और अधिक प्रगाढ़ता और नजदीकियां आएँगी. वृश्चिक लग्न के जातकों के लिए वर्ष 2017 संतान के लिए बहुत शुभ है. यदि आप दाम्पत्य जीवन में हैं और संतान के इच्छुक हैं तो सितम्बर माह तक का समय बेहद अनुकूल है, और संतान प्राप्ति के प्रबल योग दिखा रहा है.

एक ओर जहाँ वर्ष 2017 प्रेम संबंधो , वैवाहिक जीवन और संतान के लिए एक बेहतर वर्ष साबित होगा वहीँ माता पिता के साथ सम्बन्ध इस वर्ष कुछ तनावपूर्ण रहेंगे . करीबी रिश्तेदारों और सम्बन्धियों से आपको यथोचित सहयोग  प्राप्त नहीं होगा और हो सकता है कुछ विवाद की स्तिथि भी उत्पन्न हो और इस कारण आप पारिवारिक सुख की कमी महसूस करेंगे. कार्य स्थल पर अपने से उच्च अधिकारियों से सहयोग पूर्ण व्यवहार रखें विशेषकर जुलाई माह तक . जून और जुलाई माह में किसी अपमान का सामना करना पड़ सकता है. विपरीत लिंग से संबंधों में सावधानी बरतें क्योंकि इस वर्ष जून जुलाई माह में बदनामी की स्तिथि भी बन सकती है. विषम परिस्तिथियों में आपके करियर तक को दाग लग सकता है अतः अपने संबंधों के प्रति बेहद सतर्क रहें. नए रिश्ते बनाते समय सावधान रहें और किसी पर भी आँख मूँद कर  विशवास न करें.

आवश्यक

  • संबंधों को लेकर सचेत रहें. अनैतिक कार्यों में हाथ न डालें. इस वर्ष बदनामी का भय है.

संवेदनशील समय

  • जनवरी माह और 15 मार्च से 15 अप्रैल तक का समय संवेदनशील है इस दौरान हो सकता है आपको कोई अशुभ समाचार की प्राप्ति हो और विछोह सहना पड़े.

उपाय 

  • “राहु की वैदिक शांति” कराएं
  • स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या के लिए केतु से सम्बंधित दान करें
  • कार्यों में आ रही बाधाओं के लिए भगवान् गणेश की आराधना करें
  • बृहस्पति से सम्बंधित दान करे.

शुभम भवतु 

पं. दीपक दूबे (View Profile)


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